
robotic surgery
लखनऊ. पीजीआई में अब रोबोट मरीजों का इलाज कर उन्हें स्वस्थ्य और फिट बनाएगा। लंबे इंतजार के बाद पीजीआई में रोबोटिक सर्जरी शुरू हो गई है। आधुनिक तकनीक से मरीजों को इलाज उपलब्ध कराने में यह कदम उठाया गया है। इस लिहाज से यह रोबोटिक सर्जरी शुरू करने वाला उत्तर प्रदेश के पहला सरकारी संस्थान बन गया है। पीजीआई में रोबोटिक ऑपरेशन हैदराबाद से आए इण्डोक्राइन सर्जन की देखरेख में किया गया। पहली रोबोटिक सर्जरी इंडोक्राइन विभाग में की गई। अब तक चार सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं।
31 करोड़ में खरीदा गया रोबोट
पीजीआई निदेशक डॉ. राकेश कपूर के मुताबिक संस्थान के कई डॉक्टर रोबोटिक सर्जरी का प्रशिक्षण ले चुके हैं। हैदराबाद से आए डॉक्टरों की टीम ने पीजीआई में तीन थायराइड और एक एड्रिनल रोबोटिक सर्जरी की है। इसमें चार मरीजों को सफल इलाज के बाद छुट्टी दी गई। इसके अलावा पांच विभाग के मरीजों की रोबोटिक सर्जरी होनी है। इसमें इण्डोक्राइन, कार्डियक, गेस्ट्रो, यूरोलॉजी व कार्डियक थोरेसिक एण्ड वेस्कुलर सर्जरी (सीवीटीएस) के विभाग शामिल हैं। सीएमएस डॉ. अमित अग्रवाल बताते हैं कि सामान्य सर्जरी के मुकाबले रोबोटिक सर्जरी की सफलता की दर अधिक होगी। इस सर्जरी में दिक्कत कम होगी और इंफेक्शन का खतरा भी नहीं रहता। सर्जरी के लिए पीजीआई में लाया गया यह रोबोट 31 करोड़ में अमेरिका से खरीदा गया है।
नहीं रहता इंफेक्शन का खतरा
पीजीआई के सीएमएस डॉ. अमित अग्रवाल के मुताबिक रोबोटिक सर्जरी करने के लिए उपकरणों को डॉक्टर रोबोट के जरिये संचालित करते हैं। रोबोट के बाजुओं से जुड़े उपकरणों को संचालित करने के लिए कम्प्यूटर कंसोल का प्रयोग किया जाता है। रोबोट से जुड़े गतिविधियों पर संबंधित डॉक्टर नजर रखते हैं। इस दौरान डॉक्टर को मरीज के पास रुकने की जरूरत भी नहीं होती। रोबोटिक सर्जरी में छोटा सा चीरा लगाया जाता है। इसमें रक्तस्त्राव की संभावना सामान्य सर्जरी के मुकाबले कम होती है। इस सर्जरी में चोट कम लगती है और इंफेक्शन का खतरा भी नहीं रहता।
Updated on:
17 May 2019 02:48 pm
Published on:
17 May 2019 02:45 pm
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