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अशोक बाजपेई व श्वेता सिंह थामेंगे भाजपा का झंडा

पिछले दिनों समाजवादी पार्टी छोड़ने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री अशोक बाजपेई व महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष श्वेता सिंह बीजेपी का दामन थामेंगे।

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shweta singh

लखनऊ. पिछले दिनों समाजवादी पार्टी छोड़ने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री अशोक बाजपेई व महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष श्वेता सिंह बीजेपी का दामन थामेंगे। दोनो नेताओं को डिप्टी सीएम केशव मौर्या 19 अगस्त को पार्टी में शामिल कराएंगे। दोनों नेता सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के करीबी माने जाते थे। अशोक बाजपेई एमएलसी के साथ ही सपा से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने हरदोई पहुंचकर अपने समर्थकों से विचार विमर्श किया और फिर भाजपा में जाने की घोषणा कर दी थी। श्वेता सिंह के भी अब बीजेपी में जाने के चर्चे हैं।

इस कारण छोड़ी थी सपा

चुनाव से पहले ज‍िस समय सपा पर‍िवार में व‍िवाद हुआ था, उस वक्त श्वेता स‍िंह मुलायम के पक्ष में थीं। इसके बाद जैसे ही 1 जनवरी 2017 को अख‍िलेश यादव सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, उन्होंने उन्हें सपा की महिला सभा के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया। इसके बाद लखनऊ पूर्व विधानसभा सीट से घोष‍ित श्वेता स‍िंह के ट‍िकट को काट द‍िया गया। चुनाव में कांग्रेस के साथ अलायंस होने पर सपा ने ये सीट कांग्रेस के कोटे में दे दी, लेक‍िन कांग्रेस ने इस सीट पर अखिलेश यादव के करीबी अनुराग भदौरिया को कैंड‍िडेट बनाया गया। इससे नाराज होकर श्वेता ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।

पिछले दिनों किया था ऐलान

सपा छोड़ने के बाद अशोक बाजपेई ने कहा था कि कि ढाई दशक पहले समाजवादी पार्टी का जन्म एक विचारधारा के रूप में हुआ था,लेकिन अब पार्टी समाजवादियों की नहीं रह गई है, इसलिए घुटन महसूस कर रहे थे। उनके मुताबिक, उन्होंने पार्टी को खून-पसीने से सींचा लेकिन लगातार हो रहे अपमान से आहत थे, इसलिए सपा की प्राथमिक सदस्यता और विधान परिषद की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। अखिलेश यादव को लेकर कहा कि वह पुत्रवत हैं और उन पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। उनके मुताबिक भाजपा को देश की जनता ने अपना विश्वास सौंपा है। आज भाजपा आम आदमी की आकांक्षाओं का बिंब है। ऐसे में शत प्रतिशत शुभ चिंतकों और कार्यकर्ता साथियों का मत भाजपा के साथ नई पारी शुरू करने का था। हमने अपनों के मत और भावनाओं का सम्मान करते हुए भाजपा से जुड़ऩे का निर्णय लिया है।

कई नेताओं ने छोड़ी सपा

जिनस दिन अशोक बाजपेई ने पद से इस्तीफा द‍िया था। उसी द‍िन अंब‍िका चौधरी ने भी समाजवादी पार्टी के 5वें एमएलसी के रूप में इस्तीफा द‍िया था। हालांक‍ि, उन्होंने बसपा से इस्तीफा नहीं द‍िया। उनका एमएलसी पद का कार्यकाल 5 मई 2018 को खत्म हो रहा है। अंब‍िका चौधरी और अशोक बाजपेई से पहले 4 अगस्त को सरोजनी अग्रवाल ने और 29 जुलाई को बुक्कल नवाब और यशवंत सिंह ने एमएलसी पद से इस्तीफा देने के बाद बीजेपी ज्वाइन कर ली थी।