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Ganga Expressway: गंगा एक्सप्रेस-वे का डिजाइन फाइनल, 6 से 7 घंटे में तय होगा प्रयागराज से मेरठ का सफर

Ganga Expressway: 594 किलोमीटर के गंगा एक्सप्रेस-वे के चार चरणों का डिजाइन जारी किया गया है। पहला चरण मेरठ से 137 किलोमीटर का है। 12 ज़िलों से होकर गुज़रेगा गंगा एक्सप्रेस-वे।

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गंगा एक्सप्रेस-वे

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ.
Ganga Expressway: प्रयागराज से मेरठ का 11 से 12 घंटों का सफर अब महज 6 से 7 घंटों में तय करने का सपना जल्द ही साकार होगा। उत्तर प्रदेश की अतिमहत्वकांक्षी योजना प्रयागराज से मेरठ तक बनने वाले गंगा एक्सप्रेस वे का डिजाइन फाइनल कर लिया गया है। भोपाल की कंपनी द्वारा तैयार डिजाइन को यूपीडा ने जारी कर दिया है। जमीन अधिग्रहण में आड़े आ रही परेशानियों को आसान किये जाने और डिजाइन फाइनल हो जाने से एक्सप्रेस-वे का काम तेजी से होगा।

यूपीडा ने गंगा एक्स्प्रेस वे का चार चरणों का डिजाइन जारी किया है। पहला चरण मेरठ में 0.7 किलोमीटर से 137 किलोमीटर प्रस्तावित है। दूसरा चरण 137 से 289 किमी, तीसरा 289 से 445 किमी और चौथा चरण 445 किमी से आगे का है। मेरठ में पहला टोल प्लाजा 13 किमी पर होगा और इसी तरह आगे मिलता जाएगा। 594 किलोमीटर लम्बे गंगा एक्सप्रेस-वे की खासियत होगी कि प्रयागराज से मेरठ तक पड़ने वाले सभी 12 जिलों में इसका डिजाइन अलग-अलग होगा। इंटरचेंज से लेकर फ्लाईओवर, सिक्स लेन एक्स्प्रेस-वे और ओवरब्रिज सभी का डिजाइन अलग-अलग फाइनल किया गया है।

मेरठ से प्रयागराज 'गंगा एक्सप्रेस-वे' IMAGE CREDIT:

मेरठ में हापुड़ रोड पर एनएच-235 (अब एनएच-234) पर गोल चक्कर जैसा इंटरचेंज बनाया जाएगा, जिससे एनएच 235 से आने वाले वाहन सीधे गंगा एक्सप्रेस-वे पर पहुंच जाएंगे। बिजौली के पास गोल चक्कर जैसे प्रस्तावित इंटरचेंज से हापुड़ रोड का नक्शा भी वैसे ही बदल जाएगा जैसे परतानपुर तिराहे का दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे और रैपिड रेल ने बदल दिया है।

हरिद्वार और वाराणसी तक हो सकता है विस्तार
योगी सरकार गंगा एक्सप्रेस-वे का आने वाले दिनों में मेरठ की ओर हरिद्वार ओर प्रयागराज की ओर वाराणसी तक विस्तार कर सकती है। इससे जहां एक्स्प्रेस वे की लंबाई करीब 150 किलोमीटर तक बढ़ जाएगी वहीं पूर्वांचल के भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र और वाराणसी और चंदौली भी इससे जुड़ जाएंगे। इससे एक ओर आर्थिक रूप से पिछड़े पूर्वांचल के कारोबार को गति मिलेगी तो यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वाराणसी को निर्यात का हब बनाने का पीएम मोदी का सपना भी सच होगा।

गंगा नदी के साथ-साथ चलेगा एक्स्प्रेस-वे
गंगा एक्सप्रेस-वे को इस तरह से बनाया जा रहा है की यह गंगा के साथ-साथ चलेगा। प्रयागराज से मेरठ तक फुल स्पीड में गाड़ियां रफ्तार भरेंगी। नदी के साथ-साथ चलने से इस पर ड्राइविंग का अलग ही आनंद होगा। यह एक्सप्रेसवे आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की पहचान साबित होगा।


गंगा एक्सप्रेस वे एक नजर में

ये हैं यूपी के बड़े एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेस-वे: छह लेन लंबाई 594 किमी
पूर्वांचल एक्सप्रेसवेः आठ लेन, लंबाई 340 किमी
आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवेः 302 किमी (मिराज 2000 की लैंडिंग हुई) बुंदेलखंड एक्सप्रेसवेः 296 किमी
यमुना एक्सप्रेसवेः छह लेन, लंबाई 165.5 किमी