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महिला संबंधी अपराध की शिकायत पर पुलिस करें लापरवाही तो यहां करें शिकायत

उदाहरण के तौर पर झांसी में दो लड़कियों के साथ राहुल नाम के युवक द्वारा छेड़छाड़ करने व घर में घुसकर मारपीट करने के मामले पर थाने स्तर पर कार्यवाही न करने पर इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि, यह कार्यवाही काफी देर में की गई। इससे पहले पीड़ित बहनों ने राहुल द्वारा की जा रही हरकतों से परेशान होकर जहरीला पदार्थ पिया था। जिसके बाद पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले के तूल पकड़ने के बाद एसपी ने संबंधित थाने के इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया। यह कोई अकेला मामला नहीं ऐसे कई मामले सामने आते हैं।

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लखनऊ

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Prashant Mishra

Mar 27, 2022

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लखनऊ। महिलाओं व बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने के लिए योगी आदित्यनाथ की सरकार काफी सख्त नजर आ रही है। पिछले कार्यकाल में योगी आदित्यनाथ ने महिला व बाल अपराध पर लगाम लगाने के लिए एडीजी वूमेन व चाइल्ड सेफ्टी के पद का गठन किया था। साथ ही जिले में महिलाओं की शिकायत सुनने के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। शासन के निर्देशों के तहत हर थाने में महिला डेस्क की स्थापना के निर्देश दिए गए थे जिसका पालन किया जा रहा है। इसके बावजूद भी तमाम बार इस तरह की शिकायतें आती हैं कि थाने पर महिला अपराध के मामलों की सुनवाई नहीं होती है।

कई बार कार्रवाई में होती है देरी

उदाहरण के तौर पर झांसी में दो लड़कियों के साथ राहुल नाम के युवक द्वारा छेड़छाड़ करने व घर में घुसकर मारपीट करने के मामले पर थाने स्तर पर कार्यवाही न करने पर इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि, यह कार्यवाही काफी देर में की गई। इससे पहले पीड़ित बहनों ने राहुल द्वारा की जा रही हरकतों से परेशान होकर जहरीला पदार्थ पिया था। जिसके बाद पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले के तूल पकड़ने के बाद एसपी ने संबंधित थाने के इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया। यह कोई अकेला मामला नहीं ऐसे कई मामले सामने आते हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी

पुलिस विभाग के अधिकारियों का कहना है कि महिला अपराध के प्रति विभाग काफी संवेदनशील है ऐसे में अगर महिलाओं के साथ किसी तरह का अपराध होता है और इसकी शिकायत थाने स्तर पर की जाती है लेकिन कार्यवाही नहीं होती है तो पीड़ित व पीड़ित के परिजनों को जिले के संबंधित आला अधिकारियों से शिकायत करनी चाहिए। थानें स्तर पर उचित कार्यवाही न होने की स्थिति पर तत्काल प्रभाव से जिले के एसपी को मामले की जानकारी देनी चाहिए। अगर इसके बावजूद भी कार्यवाही न हो तो राजधानी लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय पर ऑनलाइन या लिखित तौर पर महिला शिकायत प्रकोष्ठ में शिकायत की जा सकती है।

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यहां ऐसे करें शिकायत

जिन जिलों में कमिश्नर सिस्टम लागू किया गया है वहां पर डीसीपी महिला एंड चाइल्ड सेफ्टी पद का गठन किया गया है। ऐसे मगर महिला अपराध के मामले में पुलिस द्वारा प्रभावी कार्यवाही नहीं की जा रही है तो डीसीपी महिला एवं चाइल्ड सेफ्टी से इस संबंध में शिकायत की जा सकती है। वही, संबंधित जोन के डीसीपी को भी प्रकरण के बारे में अवगत कराया जा सकता है। डीसीपी स्तर पर भी अगर कार्यवाही नहीं की जा रही है तो जिले के कमिश्नर को शिकायत कर संबंधित मामले में तुरंत कार्यवाही प्राप्त की जा सकती है।

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