25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नये साल में सुहाना होगा आपका सफर, इंडियन रेलवे और परिवहन विभाग की यह है खास तैयारी

नये साल में आपका सफर काफी सुहाना और आसान हो जाएगा... जानें- यात्रियों को मिलेंगी कौन सी सुविधाएं...

4 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Hariom Dwivedi

Dec 29, 2018

Indian Railway

नये साल में सुहाना होगा आपका सफर, इंडियन रेलवे और परिवहन विभाग की यह है खास तैयारी

लखनऊ. नये साल में आपका सफर काफी सुहाना और आसान हो जाएगा। शनिवार को नई दिल्ली से वाया कानपुर प्रयागराज तक जाने वाली देश की पहली स्वदेशी सेमी हाईस्पीड ट्रेन-18 का सफल ट्रायल हो गया। रेल मंत्रालय कुंभ मेले से पहले इस ट्रेन का संचालन शुरू कर देगा। जनवरी में ही लखनऊ-सीतापुर के बीच रेल सेवा बहाल होने से हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा 9 जनवरी को ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर इस रूट के यात्रियों को नये साल का तोहफा देंगे। इसके अलावा नये रूट पर लखनऊ मेट्रो का ट्रायल भी चल रहा है। उम्मीद है फरवरी तक लखनऊ में मेट्रो की सुविधा अमौसी एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया तक मिलेगी।

1- न्यू ईयर में पहली स्वदेशी हाईस्पीड ट्रेन-18 का तोहफा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल और मेक इन इंडिया के तहत तैयार की गई पहली स्वदेशी सेमी हाईस्पीड ट्रेन-18 दिल्ली से चलकर शनिवार की सुबह कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर 22 मिनट की देरी से पहुंची। ट्रेन-18 की रफ्तार 180 किमी प्रति घंटे हैं, हालांकि ड्राइवरों ने ट्रायल के तहत इसे 130 किमी की स्पीड से दौड़ाया। इस बीच ट्रेन को देखने के लिए भीषण ठंड होने के बावजूद प्लेटफार्म में लोगों की भीड़ थी। कानपुर के लोगों ने अपनी स्टाइल में ट्रेन का स्वागत किया तो कईयों ने सेल्फी ली। यात्रियों के साथ लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद देते हुए कहा कि अब कम समय से में जल्दी सफर पुरा हो सकेगा।

ट्रेन जैसे ही प्लेटफार्म पर रुकी, लोगों ने रेलवे के अधिकारियों व कर्मचारियों का स्वागत किया। ठंड के बावजूद लोग अपने घर जाने के बजाए ट्रेन को देखने के लिए कई घंटे रेलवे स्टेशन पर इंतजार करते रहे। ट्रेन के पहुंचते ही स्टेशन पर जश्न का माहौल था। रेलवे के अधिकारी व कर्मचारी एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। बता दें कि ट्रेन-18 नाम से मशहूर ट्रेन बिना इंजन की है। रेल मंत्रालय इसे देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने की योजना पर काम रहा है। फिलहाल कुंभ के दौरान इसे नई दिल्ली व इलाहाबाद के बीच चलाने की योजना है।

2- लखनऊ-सीतापुर के बीच नौ जनवरी से दौड़ेंगी ट्रेनें
रोजाना सीतापुर से लखनऊ यात्रा करने वाले तकरीबन 20 हजार यात्रियों के लिए नया साल एक नायाब तोहफा लेकर आने वाला हैं। आगामी 9 जनवरी को सीतापुर से लखनऊ के बीच ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया जायेगा। इससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। रेलवे संचालन बोर्ड ने इस रूट पर ट्रेनों के संचालन की मंजूरी दे दी है। नौ जनवरी को सूबे के केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा सीतापुर में लखनऊ के लिए ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर ने लखनऊ मंडल प्रशासन को नौ जनवरी को उद्घाटन समारोह आयोजित करने के आदेश भी दे दिए हैं।

इंडियन रेलवे के मुताबिक, मई 2016 में अंतिम बार छोटी लाइन पर ऐशबाग से सीतापुर के लिए ट्रेन रवाना की गयी थी। इसके बाद आमान कार्य के चलते मीटरगेज से ब्रॉडगेज लाइन के लिए कार्य शुरू किया गया था। लगभग ढाई साल से चल रहे कार्य को रेलवे ने दिसंबर माह में पूरा करके स्पीड ट्रायल के लिए ट्रैक को तैयार कर लिया था। ट्रैक तैयार होने के बाद रेलवे संरक्षा आयुक्त ने डालीगंज से सीतापुर के बीच स्पीड ट्रायल कर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से ट्रेन को दौड़ाकर ट्रक की रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंपी। रेलवे प्रवक्ता अलोक कुमार के अनुसार रेलवे बोर्ड ने समारोह की मंजूरी दे दी हैं और 9 जनवरी को सीतापुर स्टेशन से ऐशबाग के लिए केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे, जिसके बाद ट्रेनों को संचालन सुचारु रूप से किया जायेगा।

3- लखनऊवाइट्स को मेट्रो का तोहफा
फरवरी से लखनवाइट्स को चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया तक मेट्रो में सफर करने का मौका मिलेगा। हालांकि, डीपीआर के मुताबिक मेट्रो का संचालन अप्रैल में किया जाना है, लेकिन एलएमआरसी मार्च में संचालन शुरू करने का दावा कर रहा है, वहीं सरकार का दबाव है कि मेट्रो का संचालन लोकसभा चुनाव से पहले यानी फरवरी में किया जाये। शुक्रवार को मेट्रो के सफल परीक्षण के बाद संचालन की संभावना और बढ़ गई है। मेट्रो के एमडी कुमार केशव ने उम्मीद जताई है कि फरवरी में चारबाग से मुंशीपुलिया तक मेट्रो का कॉमर्शियल रन शुरू हो जाएगा। इसके लिए मेट्रो के एलीवेटेड ट्रैक पर लोड टेस्टिंग शुरू कर दी गई है।

ट्रांसपोर्ट नगर से मुंशीपुलिया तक के रूट की दूरी 22.8 किलोमीटर है। मुंशीपुलिया तक मेट्रो शुरू होन से ट्रांसपोर्ट नगर और मुंशीपुलिया के बीच पड़ने वाले स्टेशनों की संख्या कुल 19 हो जाएगी। इनमें 16 एलिवेटेड व 3 अंडरग्राउंड स्टेशन होंगे। एलएमआरसी के मुताबिक, अप्रैल से पहले लखनऊ मेट्रो के दूसरे फेज का कार्य शुरू हो जाएगा। दावा है कि ट्रांसपोर्ट नगर से मुंशीपुलिया तक मेट्रो चलने के बाद लखनऊ मेट्रो से हर दिन करीब साढ़े छह लाख (6,44,659) यात्री सफर कर सकेंगे।

4- कोहरे से अब नहीं थमेगी बसों की रफ्तार
ठंड में कोहरा शुरू होते ही रोडवेज बसों का सफर मुश्किल भरा हो जाता है। कम विजिबिलिटी के कारण बसों की रफ्तार भी कम हो जाती है। इससे बस में सफर करने वाले यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में तय समय से काफी ज्यादा वक्त लगता है। लेकिन अब कोहरे की वजह से रोडवेज बसों के पहिये नहीं थमेंगे। उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम सामान्य बल्ब के बदले बसों में ऑल वेदर बल्ब लगवा रहा है। ऑल वेदर बल्ब की खासियत है कि वह मौसम के हिसाब से उसके माफिक रोशनी को बदल देता है। धुंध में इस बल्ब की रोशनी सफेद से पीली हो जाती है जो कोहरे में रास्ता दिखाने में मददगार होती है, वहीं कोहरा खत्म होने के बाद इस बल्ब की रोशनी सामान्य हो जाएगी। आल वेदर बल्ब लगने से दो फायदे होंगे। एक तो कोहरे के कारण बसों की रफ्तार नहीं थमेगी, दूसरा कोहरे के बाद इन बल्बों को बदलने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

रोडवेज बसों में लगने वाले सामान बल्ब के मुकाबले ऑल वेदर बल्ब की कीमत कम है। प्रति पीस की कीमत करीब 125 रुपए है। ऐसे में एक बस में लगने वाले चार बल्बों का खर्चा करीब 500 आएगा। फिलहाल, यूपी परिवहन विभाग ने रोडवेज बसों में ऑल वेदर बल्ब लगाने का काम तेजी से शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जब धुंध पड़नी शुरू होगी तो इन बल्बों के कारण बसों की रफ्तार नहीं थमेगी और यात्री तय समय पर अपने गंतव्य स्थान तक पहुंच सकेंगे।