
लखनऊ. अक्सर ही यह सवाल कौंधता है कि आखिरकार इंदिरा गांधी ने रायबरेली को अपनी कर्मभूमि क्यों बनाया। लोकप्रियता के शिखर पर विराजमान इंदिरा गांधी तो देश के किसी भी हिस्से से चुनाव जीत सकती थीं, बावजूद अतिपिछड़े रायबरेली से चुनाव लडऩे की क्या मजबूरी थी। आपातकाल के बाद राज नारायण से करारी शिकस्त के बावजूद इंदिरा गांधी का रायबरेली के प्रति लगाव कम नहीं हुआ। रायबरेली से लगाव की वजह था इंदिरा गांधी का इश्क।
उस खूबसूरत नौजवान ने 14 बरस की उम्र में किया था इंदिरा को प्रपोज
इंदिरा गांधी ने अपनी आटो बायोग्राफी में स्वीकार किया है कि इलाहाबाद में रिहाइश के दौर में फिरोज अक्सर ही उनकी मां कमला नेहरु से राजनीतिक मसलों पर सलाह के लिए मिलने आनंद भवन आते थे। उस वक्त इंदिरा की उम्र करीब 14 साल थी। बर्टिल फलक की प्रकाशित किताब ‘फिरोज द फॉरगोटन इंदिरा’ की समीक्षा करते हुए कांग्रेसी नेता नटवर सिंह ने लिखा है कि 14 बरस की खूबसूरत इंदिरा प्रियदर्शनी के सामने फिरोज ने एक दिन अपने दिल की बात रखी, लेकिन कमला नेहरू के प्रतिरोध के कारण दोनों एक-दूसरे से दूर रहे। बाद में लंदन में पढ़ाई के दौरान इंदिरा गांधी की जिंदगी में फिरोज की इंट्री पहले प्यार के रूप में हुई।
पहली मोहब्बत की याद संभालकर रखना चाहती थीं इंदिरा गांधी
दरअसल, गांधी परिवार में रायबरेली को बतौर निर्वाचन क्षेत्र सबसे पहले फिरोज गांधी ने चुना था। ससुर जवाहरलाल नेहरू से मतभेदों के कारण फिरोज गांधी की जिंदगी से इंदिरा भी दूर हो गई थीं। फिरोज इलाहाबाद में थे और इंदिरा नई दिल्ली में। जवाहरलाल नेहरु की मौत के बाद फिरोज और इंदिरा के मतभेद कुछ कम हुए, लेकिन इसी दौरान बतौर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बगैर ठोस वजह केरल की निर्वाचित नंबूदरीपाद सरकार को बर्खास्त कर दिया। इस मसले पर फिरोज और इंदिरा में तीखी बहस हुई और दोनों सदैव के लिए अलग-अलग हो गए। ... लेकिन फिरोज की मौत के चंद दिन पहले इंदिरा एक बार फिर साथ रहना चाहती थीं, लेकिन दोनों के अहम टकराते रहे। फिरोज की मौत के कुछ दिन बाद एक सवाल के जवाब में इंदिरा ने कहा था कि मुझे जिंदगी में सबसे ज्यादा तकलीफ फिरोज की मौत से हुई, क्योंकि वह अचानक छोडक़र चले गए। भले ही मैं फिरोज को पसंद नहीं करती थी, लेकिन उन्हें प्यार करती थी।
फिरोज के कारण ही इंदिरा ने रायबरेली को निर्वाचन क्षेत्र चुना
पुराने कांग्रेसी बताते हैं कि फिरोज गांधी ने वर्ष 1952 और वर्ष 1957 का आम चुनाव बड़े अंतर के साथ रायबरेली में जीता था। पिता के चुनाव का संचालन करने के कारण फूलपुर संसदीय क्षेत्र में इंदिरा की पकड़ और पहचान पुख्ता थी, बावजूद उन्होंने अपने पति फिरोज की मौत के बाद उनकी यादों को जेहन में सहेजकर रखने के लिए ही इंदिरा गांधी ने रायबरेली को अपना निर्वाचन क्षेत्र चुना। रायबरेली के पुराने कांग्रेसी रामशंकर अवस्थी बताते हैं कि चुनाव के वक्त इंदिरा ऐसी प्रत्येक जगह जाती थीं, जहां फिरोज जाते थे।
जनता को मां जैसा प्यार देती थीं इंदिरा गांधी
जिले के पुराने कांग्रेसी कहते हैं कि इंदिरा गांधी के रूप में रायबरेली को एक ऐसी सांसद मिली जो नेता कम मां जैसी ज्यादा दिखती थीं। वह जनता को अपने बच्चे की तरह ध्यान दिया करती थीं। इंदिरा गांधी केवल रायबरेली ही नहीं, सारे देश का इसी तरह ख्याल रखती थीं। उनके मुताबिक, रायबरेली में इंदिरा गांधी ने जनता को रोजगार का सहारा दिया। करीब 200 फैक्ट्रियां, सडक़ें, पुल, इंस्ट्टीयूट, लाइब्रेरी स्कूल आदि ऐसी न जाने कितनी जनता की जरूरतों को पूरा करने की पूरी कोशिश की। उनके समय में रायबरेली की जनता काफी खुश थी।
Published on:
31 Oct 2017 05:18 pm
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