
उतार प्रदेश में जयंत चौधरी और अखिलेश यादव ने एक साथ विधानसभा चुनाव लड़ा था। इस गठबंधन में उन्हे 111 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। जिसे आरएलडी को आठ सीटें मिली थीं। इन 111 सीटों के भरोसे अखिलेश यादव के तीन राज्यसभा सदस्य तो निर्विरोध जीतेंगे लेकिन अब चौथे की उम्मीद लगाए कई प्रत्याशी ऐसे भी हैं जो दांव खेलने को तैयार हैं। लेकिन बिना अन्य विधायकों या बिना भाजपा के समर्थन वो कैसे जीतेंगे ये सोचने वाली बात है।
3 सीटों पर अखिलेश यादव की जीत पक्की
सपा ने कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल और सपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य जावेद अली को बुधवार को ही अपना राज्यसभा प्रत्याशी घोषित किया था। दोनों ने कल ही नामांकन भी कर दिया था। उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में सपा के 111 सदस्य हैं और वह अपने तीन उम्मीदवारों को आसानी से राज्यसभा भेज सकती है। ऐसे में 3 सीटों पर अखिलेश यादव की जीत पक्की है, जबकि चौथी सीट पर टक्कर मानी जा रही है, अगर चौथा प्रत्याशी उतारा गया तो सपा को काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है।
वहीं उत्तर प्रदेश में होने जा रहे राज्य सभा चुनाव को देखते हुए अब चौथे के लिए बिसात बिछनी शुरू हो गई है। जबकि सूत्रों का मानना है कि अखिलेश यादव फिलहाल ऐसी कोई गलती करने से बचेंगे। क्योंकि डिप्टी सीएम केशव मौर्य से सदन में हुई उनकी तीखी झड़प इस बात का साफ इशारा करती है कि, हालत सपा और भाजपा मे अंदरूनी तौर पर भी ठीक नहीं हैं। जिससे ऐसे किसी प्रत्याशी को लेकर सपा कभी दांव नहीं खेलेगी। जिससे उसको मेहनत करनी पड़े।
Updated on:
26 May 2022 06:31 pm
Published on:
26 May 2022 06:29 pm
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