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किडनी रोगियों के लिए अच्छी खबर, पुनर्नवा जड़ से ठीक कर सकती है बीमारी

अब किडनी के रोगों से डरने की जरूरत नहीं है। किडनी रोगियों के लिए खुशखबरी है।

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लखनऊ

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Akansha Singh

Mar 11, 2019

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किडनी रोगियों के लिए अच्छी खबर, पुनर्नवा जड़ से ठीक कर सकती है बीमारी

लखनऊ. अब किडनी के रोगों से डरने की जरूरत नहीं है। किडनी रोगियों के लिए खुशखबरी है। पुनर्नवा से किडनी की बीमारी को जड़ से दूर किया जा सकेगा। पुनर्नवा पौधे से किडनी की बीमारी को जड़ से दूर किया जा सकता है। एक शोध में इसका खुलासा किया गया है। शोध में पुनर्नवा पौधे और कुछ अन्य जड़ी बूटियों के मिश्रण से बीमार किडनी को स्वस्थ बनाया जा सकता है। इंडो अमेरिकन जर्नल ऑफ फॉर्मास्युटिकल रिसर्च में प्रकाशित शोध के अनुसार पुनर्नवा पौधे की पत्तियां एवं गोखरू, वरुण, पत्थरपूरा, पाषाणभेद, कमल ककड़ी बूटियों से बनी नीरी केएफटी गुर्दे में क्रिएटिनिन, यूरिया व प्रोटीन को नियंत्रित करती है। इस शोध के अनुसार इससे गुर्दे में संक्रमण का खतरा कम हो सकता है।

पुनर्नवा नाम कैसे पड़ा

पुनर्नवा का पौधा जब सूख जाता है तो वर्षा ऋतु में वह स्वयं जीवित हो जाता है। इसलिए आयुर्वेद में इस पौधे को पुनर्नवा नाम दिया था। नाम के अनुरूप ही इसका काम भी है। पंजाब के जालंधर स्थित सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फॉर्मास्युटिकल साइंसज के पूर्व निदेशक प्रोफेसर डॉ अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि हरियाणा के सोनीपत स्थित हिंदू कॉलेज ऑफ फार्मेसी के सहयोग से शोध पूरा किया गया है। इस दौरान दो समूह पर दवा के परिणाम रिकॉर्ड किए। विशेषज्ञों के अनुसार किडनी लाखों छलनियों पर करीब 140 मील लंबी नलिका से बनी होती है। इस इकाइयों को नेफ्रॉन कहते हैं।

जल्द पकड़ में नहीं आते किडनी रोग

शोध के अनुसार क्रोनिक किडनी रोग की संख्या सर्वाधिक है। समय रहते रोग की पहचान नहीं हो पाती जिससे किडनी खराब हो जाती है। एम्स के नेफ्रोलॉजी विभाग में प्रतिदिन 200 मरीज इसके इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। विभागाध्यक्ष डॉ एसके अग्रवाल के अनुसार इनमें से 70 फ़ीसदी मरीज क्रॉनिक रोग से पीड़ित हैं।

साढ़े बारह हजार केंद्रों पर होगा उपचार

आयुष मंत्रालय के मुताबिक बीते माह ही पीएम नरेंद्र मोदी ने देश भर में साढ़े बारह हजार हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर की जिम्मेदारी सौंपी है। इन पर आयुष उपचार किया जाएगा। यहां 2021 तक किडनी की जांच और उपचार किया जाएगा।

प्रदेश में 20 लाख लोग गुर्दे की बीमारी की जद में

केजीएमयू यूरोलॉजी विभाग के डॉ. मनोज यादव ने बताया कि यूपी में करीब 20 लाख लोग गुर्दे की बीमारी की जद में हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में लोग अच्छी सेहत के लिए विटमिन और कैल्शियम की गोली धड़ाधड़ खा रहे हैं। डॉक्टर की सलाह लेने की भी जरूरत महसूस नहीं करते हैं। यह खतरनाक है। अत्याधिक मल्टी विटमिन, कैल्शियम आदि की गोली का असर गुर्दों पर पड़ता है। गुर्दों के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।