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Lok Sabha election 2024: वरुण गांधी को टिकट देना संभव नहीं, तो क्या सोनिया की राह पर चलेंगी मेनका?

Lok Sabha election 2024: भाजपा ने लोकसभा चुनावों के लिए पहली सूची घोषित कर दी हैं। पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अधिकांश पुराने चेहरों पर भरोसा दिखाया है। लेकिन मेनका और वरुण गांधी पर अभी पेंच फंसा है।

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लखनऊ

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Aman Pandey

Mar 07, 2024

Lok Sabha election 2024 Will Maneka Gandhi retire from politics for her son Varun Gandhi

Lok Sabha election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हाल ही में उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इसमें पार्टी के कुछ प्रमुख सांसदों के चुनाव लड़ने के बारे में अनिश्चितता बनी हुई है। खासतौर पर इसमें गांधी परिवार से आने वाली मेनका गांधी और उनके बेटे वरुण गांधी की सीट भी शामिल है।

लोकसभा की 80 सीटों वाले यूपी में, जहां बीजेपी ने लगातार दो चुनावों में बंपर वोट से जीत हासिल करती आ रही है। वहीं, भाजपा नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश के 150 से अधिक लोकसभा क्षेत्रों में अभी उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है।

प्रमुख चेहरों में मेनका गांधी (सुल्तानपुर), उनके बेटे वरुण गांधी (पीलीभीत), केंद्रीय मंत्री वीके सिंह (गाजियाबाद) और कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह की उम्मीदवारी पर अभी तलवार लटकी हुई है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा की ओर से मेनका और वरुण को टिकट देना संभव नहीं है।

फिलहाल मेनका गांधी सुल्तानपुर और वरुण गांधी पीलीभीत से सांसद हैं। 2014 में सुल्तानपुर से जीते वरुण गांधी ने 2019 में अपनी मां के साथ सीटों की अदला-बदली कर ली थी। ऐसे संकेत हैं कि भाजपा नेतृत्व कई मौकों पर पार्टी लाइन का पालन न करने और सरकार की खुली आलोचना के लिए वरुण को पीलीभीत लोकसभा सीट से बदलने पर विचार कर रहा है। वरुण गांधी पिछले दो ढाई साल से अपनी ही प्रदेश और केंद्र सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं। हालांकि, वरुण के तेवर पहले से नरम हो गए हैं।

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द ट्रिब्यून ने एक भाजपा नेता के हवाले से लिखा है कि मेनका गांधी अपनी जेठानी सोनिया गांधी की तरह बेटे के लिए संन्यास ले सकती हैं। उन्होंने कहा, "यह देखने वाली बात होगी कि क्या मेनका गांधी अपने बेटे के लिए उसी तरह कदम उठाएंगी जिस तरह सोनिया गांधी ने संन्यास लिया है।" उन्होंने कहा कि वरुण की भविष्य की योजनाएं अभी भी स्पष्ट नहीं हैं।