
5 मई 2023 को रिलीज हुई फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ को CM योगी आदित्यनाथ अपने मत्रिमंडल के साथ थिएटर में देखने गए थे। इस मूवी को देखने के बाद उन्होंने कहा कि केरल की कहानी पूरे देश का ध्यान 'लव जिहाद' की ओर खींचती है। इस दौरान उन्होंने लव जिहाद पर बने कानून को लेकर कहा कि हमारी सरकार ने 27 नवंबर, 2020 को लव जिहाद जैसी प्रथाओं के खिलाफ एक कानून बनाया था।
लेकिन इस कानून के बावजूद प्रदेश में लव जिहाद के मामले रुकते नहीं नजर आ रहे। ये बात हम नहीं यूपी के आंकड़ें कह रहे हैं।
यूपी में 2021 से 30 अप्रैल 2023 तक 427 लव जिहाद के मामले दर्ज हुए जबकि 833 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 185 लोगों ने कोर्ट में ये स्वीकार किया है कि उनका धर्म जबरन दबाव और लालच देकर बदलवाया गया है। इस लिहाज से देखें तो हर दो दिन में लव जिहाद का एक मामला पुलिस रिकार्ड में दर्ज किया जा रहा है। इसी तरह पिछले ढाई साल में प्रत्येक 32 घंटे में एक व्यक्ति को लव जेहाद या धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
अब आइए आपको बताते हैं कि यूपी का धर्मांतरण कानून क्या है।
योगी सरकार 27 नवंबर 2020 में धर्मांतरण को रोकने के लिए एक कानून लेकर आई थी। इसमें यूपी में धर्मांतरण कानून के तहत दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को अपराध की गंभीरता के आधार पर 10 साल तक की जेल की सजा मिल सकती है तो वहीं दोषी के खिलाफ 15 से 50 हजार तक का जुर्माना लग सकता है।
जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर कम से कम 15 हजार रुपए के जुर्माने के साथ एक से पांच साल तक की कैद का प्रावधान कानून में है। इसी के साथ एससी/एसटी समुदाय के नाबालिगों और महिलाओं के धर्मांतरण पर तीन से 10 साल की सजा का प्रावधान है तो वहीं जबरन सामूहिक धर्मांतरण के लिए जेल की सजा तीन से 10 साल और जुर्माना 50 हजार है.
यूपी धर्मांतरण कानून के मुताबिक, अगर विवाह का एकमात्र उद्देश्य महिला का धर्म परिवर्तन कराना है, तो ऐसी शादियों को अवैध करार दिया जाएगा। इसी के साथ अंतर-धार्मिक विवाह करने वाले जोड़ों को शादी करने से दो महीने पहले जिला मजिस्ट्रेट को इसकी जानकारी देनी होगी।
Updated on:
18 Jun 2023 05:04 pm
Published on:
18 Jun 2023 05:02 pm
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