अयोध्या में भूमिपूजन के बाद मंदिर (Ram Mandir) का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने पूजन करके राम मंदिर की आधारशिला रखी थी। राम भक्तों में मंदिर बनने का इंतजार है। उधर, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा मस्जिद के लिए धन्निपुर में दी गई पांच एकड़ जमीन पर जन सहयोग से धन जुटाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है
अयोध्या. अयोध्या में भूमिपूजन के बाद मंदिर का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने पूजन करके राम मंदिर की आधारशिला रखी थी। राम भक्तों में मंदिर बनने का इंतजार है। उधर, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा मस्जिद के लिए धन्निपुर में दी गई पांच एकड़ जमीन पर जन सहयोग से धन जुटाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सुन्नी वक्फ बोर्ड (Sunni Waqf Board) की ओर से गठित ट्रस्ट इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउण्डेशन को आयकर की धारा-80 जी व अन्य धाराओं में छूट व अन्य कार्यों के लिए जरूरी पैन (परमानेंट एकाउंट नम्बर) आवंटित हो गया है। अगले सप्ताह पैन के आधार पर ट्रस्ट का बैंक खाता खोला जाएगा। ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन के मुताबिक, अयोध्या में 1400 क्षेत्रफल में मस्जिद बनवाया जाएगा। बाकी बचे क्षेत्र में बड़ा सा अस्पताल बनवाया जाएगा।
अतहर हुसैन ने बताया कि लखनऊ के हुसैनगंज इलाके में बर्लिंगटन चौराहा स्थित बर्लिंगटन स्क्वायर बिल्डिंग के चौथे तल पर 400 वर्गफुट का कार्यालय भवन लिया गया है। इस कार्यालय में मस्जिद निर्माण से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। भवन में ट्रस्ट के नव मनोनीत नौ सदस्यों की सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखते हुए आमने-सामने बैठक होगी। बैठक में आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी। वैसे यह ट्रस्ट कुल 15 सदस्यों का है, मगर अभी चेयरमैन को मिलाकर कुल 9 सदस्य ही मनोनीत हैं।
मस्जिद के साथ करवाएंगे अस्पताल का निर्माण
सुन्नी वक्फ बोर्ड मस्जिद निर्माण के साथ ही अस्पताल बनवाने पर भी विचार कर रहा है। ट्रस्ट के सचिव ने कहा है कि 1400 क्षेत्रफल में मस्जिद बनवाया जाएगा। हालांकि, अभी मस्जिद के आकार और इसके बनने में होने वाले खर्च को लेकर अभी कोई विचार विमर्श नहीं किया गया है। लेकिन ट्रस्ट को आर्किटेक्ट्स की ओर से इसके लिए प्रस्ताव मिल रहे हैं।
जनसुविधाओं के उद्घाटन के लिए सीएम को करेंगे आमंत्रित
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कथित तौर पर एक बायन में कहा था कि अगर मस्जिद के उद्घाटन कार्यक्रम में उन्हें बुलाया जाएगा, तो योगी होने के तौर पर वह वहां नहीं जाएंगे। सीएम ने कहा था कि एक मुख्यमंत्री के तौर पर उन्हें किसी मजबह से परहेज नहीं है लेकिन एक हिंदू होने के नाते वे मस्जिद के उद्घाटन में नहीं जाएंगे। सीएम योगी के इस बयान पर ट्रस्ट की ओर से जवाब आया है। ट्रस्ट ने कहा है कि मस्जिद के साथ बनने वाली जनसुविधाओं के उद्घाटन कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री की हैसियत से बुलाया जाएगा।
ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन ने सीएम योगी के बयान पर जवाब देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री को मस्जिद के उद्घाटन के लिए बुलाने की कोई योजना नहीं है क्योंकि इसलाम में शिलान्यास का पत्थर रखे जाने का कोई रिवाज ही नहीं है। मुख्यमंत्री को जनसुविधाओं के उद्घाटन में बुलाया जाएगा।