
लखनऊ. एमपी-एमएलए कोर्ट ने धोखाधड़ी के एक मामले में यूपी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की सशर्त जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। उन्हें 50-50 हजार रुपए की दो जमानत और 50 हजार रुपए का निजी मुचलका भरना होगा। सुनवाई के दौरान विशेष जज पवन कुमार राय ने यह भी आदेश दिया है कि मुकदमे के विचारण के दौरान मुल्जिम अनावश्यक स्थगन अर्जी नहीं देगा। गवाहों पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाने को लेकर भी चेतावनी जारी की है। आरोप के स्तर पर सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेगा।
17 सितंबर 2020 को गायत्री की कंपनी के पूर्व निदेशक बृजभुवन चौबे ने गायत्री के खिलाफ थाना गोमती नगर विस्तार में एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर में गायत्री प्रजापति, उनके बेटे अनिल प्रजापति व एक अन्य महिला को नामजद किया गया था। एफआईआर के मुताबिक, खरगापुर स्थित वादी की पत्नी के नाम की जमीन जबरन चित्रकूट की एक महिला के नाम करा दी गई। यह वही महिला है जिसने गायत्री प्रजापति पर दुराचार की एफआइआर दर्ज कराई थी। इस मुकदमे में अपने पक्ष में बयान देने के लिए मुल्जिमों द्वारा यह जमीन उसके नाम करा दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 15 मार्च 2017 को रेप के मामले में गायत्री प्रजापति को गिरफ्तार किया गया था।
रीता बहुगुणा जोशी और राज बब्बर समेत 9 पर आरोप तय
एमपी एमएलए कोर्ट ने छह साल पुराने एक मामले में रीता बहुगुणा जोशी, राज बब्बर समेत 9 आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने 20 अगस्त को गवाहों को गवाही के लिए बुलाया है। ये मामला लक्ष्मण मैदान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर हमले और तोड़फोड़ से जुड़ा है।
Updated on:
31 Jul 2021 06:23 pm
Published on:
31 Jul 2021 06:01 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
