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कोविड-19 के लिए निकाली गई अब तक की सबसे तेज तकनीक, तीन घंटे का टेस्ट 30 मिनट में होगा पूरा, खर्च भी 500 रुपये से कम

कोविड-19 टेस्ट को कम समय में पूरा करने के लिए लखनऊ के एसजीपीजीआई ने ऐसी तकनीक विकसित की है, जिससे तीन घंटे का टेस्ट 30 मिनट में पूरा हो जाएगा

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कोविड-19 के लिए निकाली गई अब तक की सबसे तेज तकनीक, तीन घंटे का टेस्ट 30 मिनट में होगा पूरा, खर्च भी 500 रुपये से कम

कोविड-19 के लिए निकाली गई अब तक की सबसे तेज तकनीक, तीन घंटे का टेस्ट 30 मिनट में होगा पूरा, खर्च भी 500 रुपये से कम

लखनऊ. कोविड-19 टेस्ट (Covid-19) को कम समय में पूरा करने के लिए लखनऊ के एसजीपीजीआई (SGPGI) ने ऐसी तकनीक विकसित की है, जिससे तीन घंटे का टेस्ट 30 मिनट में पूरा हो जाएगा। इतना ही नहीं बल्कि टेस्ट का रेट भी आमतौर पर किए गए टेस्ट से 8 से 9 गुना कम है। यानी कि कम खर्च और कम समय में मरीज को कोविड-19 टेस्ट का लाभ मिलेगा। एसजीपीजीआई के मॉलिक्यूलर मेडिसिन एंड बायोटेक्नोलॉजी विभाग ने पहली रैपिड आरएनए बेस्ड टेस्ट की तकनीक विकसित की है। ये अब तक की सबसे तेज तकनीक बताई जा रही है।

500 से भी कम कीमत है टेस्ट की कीमत

विभाग की अध्यक्ष प्रो. स्वास्ति तिवारी ने बताया कि यह तकनीक सिंगल ट्यूब लैब टेस्ट है जो लैबोरेट्री में 30 मिनट से भी कम का समय लेता है। इसमें समय की बचत के साथ-साथ खर्च की भी बचत होगी। आमतौर पर चार से साढ़े चार हजार का खर्च कराने वाले टेस्ट के मुकाबले इस तकनीक में 500 रुपये से भी कम खर्च होने की उम्मीद है। इसके अलावा ये तकनीक अस्पताल, होटल, एयरपोर्ट समेत अन्य जगहों पर स्क्रीनिंग के लिए फायदेमंद साबित होगी।

मोबाइल यूनिट वैन लगाकर कर सकते हैं टेस्ट

प्रो. स्वास्ति ने बताया कि यह तकनीक इतनी सरल है कि इसे कहीं भी मोबाइल यूनिट वैन लगाकर टेस्ट किया जा सकता है। इस तकनीक को विभाग की अध्यक्ष प्रो. स्वास्ति तिवारी और उनकी टीम ने तैयार किया है। प्रो. स्वास्ति ने बताया कि आगामी हफ्ते में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के लिए कंपनियों के सामने इस तकनीक को लाया जाएगा। जिन कंपनी के साथ सहमति बनेगी उनको ये तकनीक ट्रांसफर कर दी जाएगी। इसके बाद आईसीएमआर का अप्रूवल लिया जाएगा। फिर आीसीएमआर जहां टेस्ट हो रहे हैं वहां इसकी किट भेजेगा। उन्होंने इस तकनीक के ढाई महीने में शुरू होने की उम्मीद जताई है।

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