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छह साल में नौ लाख नई नौकरियों के मिलेंगे मौके,नीति आयोग के समक्ष खाका पेश

Will get jobs:उत्तराखंड के अगले छह साल में नौ लाख नई नौकरियों के अवसर मिलेंगे। साल 2030 तक कृषि, बागवानी, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि विभिन्न सेक्टर में आठ से नौ लाख रोजगार के नए अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा है। अफसरों ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष के समक्ष इसका पूरा खाका पेश किया।
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लखनऊ

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Naveen Bhatt

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Updated: 20 Oct 2024, 7:27 AM IST

CM Pushkar Singh Dhami met the Vice President of NITI Aayog

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष से भेंट की

Will get jobs:अगले छह साल में नौ लाख नई नौकरियां देने का लक्ष्य तय किया गया है। उत्तराखंड सचिवालय के वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में शनिवार को राज्य के अफसरों ने नीति आयोग आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी के समक्ष भविष्य की रणनीति का खाका पेश किया। वर्ष 2027 तक राज्य ने अपनी जीएसडीपी को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। नियोजन सचिव आर. मीनाक्षीसुंदरम ने राज्य की तैयारियों पर विस्तार से प्रजेंटेशन पेश किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय और विकास दर राष्ट्रीय औसत से हमेशा अधिक रही है। अब सशक्त उत्तराखंड के तहत वर्ष 2027 तक जीएसडीपी को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। साल 2030 तक राज्य में विभिन्न सेक्टर में आठ से नौ लाख नए रोजगार के नए अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। बताया कि कृषि-बागवानी, निर्माण, एमएसएमई, पर्यटन, आयुष, शिक्षा, स्वास्थ्य में इसके विभागावार लक्ष्य तय किए गए हैं।

रोजगार के लिए बने विशेष नीति:सीएम

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हिमालयी राज्यों की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितिओं को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनाई जानी चाहिए। खासतौर पर उत्तराखंड के सामरिक महत्व की वजह से राज्य को अतिरिक्त सहायता और सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए विशिष्ट नीति बनाने पर विचार किया जाना चाहिए। सचिवालय में नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य के प्रमुख मुद्दों की जानकारी दी और सहयोग की अपेक्षा की। बेरी प्रदेश में आकांक्षी जिलों और ब्लॉक के मुआयने के लिए आए हैं।

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विश्व का पर्यावरणीय सेवा दे रहा उत्तराखंड

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने उत्तराखंड के 60 फीसदी से अधिक क्षेत्र के वनाच्छादित होने का उल्लेख करते हुए कहा कि वन संपदा के जरिए उत्तराखंड न केवल देश बल्कि विश्व को पर्यावरणीय सेवाएं दे रहे हैं। इसकी वजह से राज्य के विकास पर भी असर पड़ता है। लिहाजा उत्तराखंड को उसकी पर्यावरणीय सेवाओं के लिए विशेष प्रतिपूर्ति दी जानी चाहिए। बेरी ने कहा कि उत्तराखंड के आकांक्षी जनपदों और विकासखंडों के विकास के लिए भी नीति हर संभव सहयोग दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात के बाद बेरी ने राज्य के अधिकारियों के साथ बैठक की।