
Tobacco
लखनऊ. कोरोना के कारण कई खाद्य पदार्थों पर भी बैन लगा है। उदाहरण के तौर पर मांस और मछली। और अब पान मसाला व गुटखा को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण की संभावना के दृष्टिगत पान, मसाला, गुटखा आदि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। सार्वजनिक स्थानों पर थूका न जाए। इसी के साथ ही गुटके के निर्माण पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार का मानना है कि लोग पान मसाला और गुटखा खाकर सड़कों पर गंदगी करते हैं। खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 30/2 के तहत यह फैसला लिया गया है। इस संबंध में आयुक्त खाद्य एवं सुरक्षा की तरफ से आदेश जारी कर दिया गया है।
दरअसल थूकना कोरोना वायरस फैलने का बड़ा कारण है। और पान और गुटखा का सेवन करने वालों के थूकने से इसकी संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। इन पदार्थों का सेवन करने वालों की कमी नहीं है। और चबाने के बाद सार्वजनिक स्थानों पर इसे थूक देना आम तौर पर देखा जा सकता है। इस पर रोकथाम के लिए पहले भी लोगों से आग्रह किया गया है कि वह इसका सेवन न करें। इससे किसी परिसर व सड़क की सुंदरता तो प्रभावित होती ही है, प्रदूषण भी फैलता है। लेकिन अब मामला गंभीर है। कोरोना के कारण इस पर प्रतिबंध लगाना जरूरी है।
यूपी जैसे राज्य, जो पान मसाला और गुटखा के शौकीनों के लिए भी जाना जाता है, वहां बड़ी मात्रा में इसका उत्पादन व बिक्री होती है। लखनऊ के सरकारी व गैर सरकारी दफ्तरों में भी अधिकतर कर्मचारी मुंह में पान चबाएं काम करते देखे जाते हैं। सार्वजनिक स्थान पर हों तो मानों बात करते-करते वहीं पर थूक दें। आम नागरिक बाईक या कार से सैर कर रहा हो तो बिना आगे-पीछे या दाएं बाएं देखें पान चबाकर सड़क पर थूकता दिख जाता है। यह इनकी आदतों में शुमार हैं। लेकिन अब कोरोना के कारण यह गंभीर मामला है। यूपी सरकार का फैसला स्वागत योग्य है। कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए पान और गुटखा पर प्रतिबंध जरूरी है।
Published on:
25 Mar 2020 06:48 pm
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