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इजराइली स्पाईवेयर पेगासस पर राजनीतिक बहस शुरू, अखिलेश, मायावती और प्रियंका ने उठाए सवाल

अखिलेश ने बताया लोकतांत्रिक अपराध, मायावती ने की जांच की मांग, प्रियंका गांधी ने कहा निजता के अधिकार पर हमला।

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akhilesh yadav mayawati priyanka

पेगासस फाेन टैपिंग

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ. इजराइली स्पाइवेयर पेगासस के माध्यम से कथित जासूसी कांड को लेकर पूरा विपक्ष केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमलावर है। इसे लेकर राजनीतिब बहस शुरू हो गई है। कांग्रेस इसे लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बताकर गृहमंत्री अमित शाह का इस्तीफा मांग रही है तो दूसरी विपक्षी पार्टियां भी हमलावर हैं। मंगलवार को संसद के माॅनसून सत्र में इसे लेकर हंगामा भी हुआ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोला है। अखिलेश यादव ने तो इसे सीधे-सीधे निजता के अधिकार का उल्लंघन करार दिया है तो मायावती ने स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।


फोन जासूसी लोकतांत्रिक अपराध: अखिलेश यादव

स्पाइवेयर पेगासस के जरिये प्रमुख लोगों की कथित तौर पर जासूसी के मामले के सामने आते ही सपा अध्ध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला करने में देर नहीं लगाई। मंगलवार की सुबह अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा... “फोन की जासूसी करवाकर लोगों की व्यक्तिगत बातों को सुनना ‘निजता के अधिकार’ का घोर उल्लंघन है. अगर ये काम बीजेपी करवा रही है तो ये दंडनीय है और अगर बीजेपी सरकार ये कहती है कि उसे इसकी जानकारी नहीं है तो ये राष्ट्रीय सुरक्षा पर उसकी नाकामी है. फ़ोन-जासूसी एक लोकतांत्रिक अपराध है.”


गले नहीं उतर रही सरकार की सफाईः मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी इसे लेकर सरकार पर हमला बोला है। महंगे उपकरणों से विपक्षी नेताओं, अधिकारियों और पत्रकारों आदि की जासूसी को अति गंभीर और खतरनाक बताया है। मायावती ने ट्वीट कर निशाना साधा... “वहीं मायावती ने कहा, "जासूसी का गंदा खेल व ब्लैकमेल आदि कोई नई बात नहीं, किन्तु काफी महंगे उपकरणों से निजता भंग करके मंत्रियों, विपक्षी नेताओं, अफसरों व पत्रकारों आदि की जासूसी करना अति-गंभीर व खतरनाक मामला जिसका भण्डाफोड़ हो जाने से यहाँ देश में भी खलबली व सनसनी फैली हुई है. मायावती ने आगे कहा कि इसके संबंध में केंद्र की बार-बार अनेकों प्रकार की सफाई, खण्डन व तर्क लोगों के गले के नीचे नहीं उतर पा रहे हैं. सरकार व देश की भी भलाई इसी में है कि मामले की गंभीरता को ध्यान में रखकर इसकी पूरी स्वतंत्र व निापक्ष जांच यथाशीघ्र कराई जाए ताकि आगे जिम्मेदारी तय की जा सके.”


प्रियंका बोलीं, निजता के अधिकार पर हमला

प्रियंका गांधी ने कथित स्पाइवेयर जासूसी कांड को लेकर सराकार पर हमला बोलते हुए इसे निजता के अधिकार पर हमला बताया है। प्रियंका ने कहा है... "पेगासस के जरिए जासूसी से जुड़े खुलासे बहुत ही घिनौनी कारगुजारियों की तरफ इशारा करते हैं। अगर ये सच है, तो मोदी सरकार संविधान द्वारा देशवासियों को दिए गए निजता के अधिकार पर गंभीर और खतरनाक हमला कर रही है। इससे लोकतंत्र तो नष्ट होगा ही, ये देशवासियों के निजता के अधिकार को कई स्तर पर नुकसान पहुंचाएगा।"