प्राइवेट कंपनियों के गेहूं खरीदने के चलते सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर सन्नाटा छाया है। हाल ये है कि मात्र 4-6 कुंतल गेहूं की खरीद हो रही है। अप्रैल में अभी तक 3240 मीट्रिक टन ही गेहूं की खरीद हो पाई है। पूरे प्रदेश में गेहूं खरीद में शाहजहांपुर की मंडियां हमेशा से ही आगे रही हैं। सरकारी क्रय केंद्रों से किसानों को मुनाफा मिलाता रहे हैं, लेकिन इस बार सरकारी रेट से अधिक कीमत पर किसानों से निजी कंपनियां गेहूं खरीद रही है। किसानों का गेहूं हाथों हाथ 2130 रुपए प्रति कुंतल की दर से बिक रहा है। आटा मिलों मे भी किसान रोजाना अपना गेहूं बेच रहे हैं। किसानों का कहना है कि जहां लागत से अधिक मूल्य मिलेगा, वहीं गेहूं बेचेंगे।