
सालों बाद रक्षाबंधन पर बनने जा रहा ये संयोग, राखी के दिन बस इतनी सी बात का रखना होगा ध्यान
लखीमपुर खीरी. भाई-बहन के पवित्र प्यार का त्योहार रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) 26 अगस्त 2018 दिन रविवार को मनाया जाएगा। इस बार चार साल में पहली बार राखी पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। इस त्योहार पर भैया की कलाई में राखी बांधने का खास संयोग है। बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर के पुजारी पंडित भास्कर मिश्रा ने बताया कि सुबह से लेकर शाम 4 बजकर 16 मिनट तक रक्षाबंधन का अच्छा मुहूर्त है। इस समय तक राखी बांधे इसके बाद परेवा लग जाएगा।
चार साल बनेगा ऐसा संयोग
रक्षाबंधन (Rakshabandhan) का यह पवित्र त्योहार रविवार 26 अगस्त को मनाया जाएगा। बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर के पुजारी दैनिक भास्कर मिश्र ने बताया कि रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त रविवार को सुबह से लेकर शाम 4 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। इसके बाद परेवा लग जाएगा। उन्होंने बताया कि वैसे तो पूरे दिन त्योहार मनाया जाएगा। लेकिन 4:16 बजे के बाद परेवा तिथि लग जाएगी। इसलिए इससे पहले ही सभी बहनें अपने भैया को राखी बांधे। उधर इस त्योहार को लेकर बहनों में खासा उत्साह है। शहर में राखी की दुकानें सज गई हैं। बहाने भैया की कलाई पर राखी बांधने के लिए बाजारों में खरीददारी कर रही हैं।
नहीं रहेगा भद्रा का साया
इस बार रक्षाबंधन पर खास और शुभ संयोग बनने जा रहे हैं। दरअसल 4 साल में पहली बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। इसके अलावा इस बार रक्षाबंधन ग्रहण से भी मुक्त रहेगा। पंडित ने बताया कि भद्रा दिन की शुरुआत में ही समाप्त होने से राजयोग बन रहा है। राजयोग में राखी बांधना काफी शुभ माना जाता है।
बहनों में खासा उत्साह
रक्षाबंधन को लेकर बहनों में खासा उत्साह भी देखने को मिल रहा है। दूरदराज रह रहे अपने भाइयों को शुभ मुहूर्त पर रखी मिल जाए इसके लिए बहनें अपनी राखी को पोस्ट या कोरियर के माध्यम से भिजवा रही हैं। सावन महीने की पूर्णिमा को भाई-बहन के इस पवित्र प्यार का त्योहार रक्षाबंधन मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भैया की कलाई में रक्षा सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र और उन्नति की कामना ईश्वर से करती हैं। वहीं भाई अपनी प्यारी बहन की रक्षा का संकल्प लेने के साथ-साथ उन्हें उपहार भी देते हैं।
Published on:
23 Aug 2018 10:30 am
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