
लखनऊ. किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलाॅजी विभाग, हाॅस्पिटल इंफेक्शियस कंट्रोल कमेटी और यूनिवर्सिटी इंवायरमेंट सेल के संयुक्त तत्वाधान में विश्व हैंड हाइजीन दिवस के अवसर पर हैंड हाइजीन जागरूकता रैली एवं व्याख्यान का आयोजन किया गया। हैंड हाइजीन जागरूकता रैली को कुलपति प्रोफेसर मदनलाल ब्रह्म भट्ट द्वारा झण्डा दिखाकर रवाना किया गय। यह रैली चिकित्सा विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन से प्रारम्भ होकर गांधी वार्ड एवं नई ओपीडी भवन होते हुए कलाम सेण्टर तक गई।
हैण्ड हाइजीन पर ध्यान देने की जरूरत
रैली के अलावा कलाम सेण्टर में व्याख्यान का अयोजन किया गया जिसमें विभागाध्यक्ष माइक्रोबायोलाॅजी विभाग प्रोफेसर अमिता जैन द्वारा हैण्ड हाइजीन एवं हाॅस्पिटल एक्वायर डिजीज के ऊपर चर्चा किया गया। प्रोफेसर जैन ने बताया कि यदि अस्पताल के अंदर चिकित्सकों, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाॅफ द्वारा और मरीजो के तीमारदारों द्वारा हाथ की स्वच्छता का ध्यान रखा जाए तो मरीजो को होने वाले विभिन्न इंफेक्शनों से बचाया जा सकता है तथा उनकी संख्या में काफी कमी आ सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देश के अनुसार वार्ड एवं अस्पतालों में मरीजो के ऊपर कोई प्रोसीजर या उसके सराउंडिंग कोई भी प्रोसीजर करने से पहले हाथ को धोना चाहिए। किसी भी दो मरीज के बीच में उनको छूने के लिए हाथो को धोना या एल्कोहल बेस्ड एंटीसेप्टीक से हैण्ड रब करना बेहद जरूरी है। हैंड वाश में 7 स्टेप होते हैं। उनको सही तरह से करना चाहिए तभी वो इफेक्टिव होते हैं। हमारे हाथों के स्कीन के ऊपर जो माइक्रोब्स होते है वो किसी दूसरे व्यक्ति को बिना हाथ धोए या हैण्ड रब किए छूने पर उसको ट्रांसफर हो जाते हैं। ऐसे मे हेल्थ केयर वर्कर के लिए यह और भी ज्यादा जरूरी है कि वो अपने हैण्ड हाइजीन का ज्यादा से ज्यादा ध्यान दे। यदि कोई हेल्थ केयर वर्कर इसका ध्यान नही रखता है तो उसे इस प्रकार के इंफेक्शन होने का खतरा ज्यादा रहता है। इस प्रकार के इंफेक्शन एवं हाॅस्पिटल एक्वायर इंफेक्शन को पूरी तरह रोका तो नही जा सकता लेकिन हैण्ड हाइजिन से इसका दर काफी कम किया जा सकता है। कार्यक्रम में मेडिसिन विभाग के डाॅ डी हिमांशु ने बताया कि अस्पतालों में हम जब एल्कोहल बेस्ड एंटीसेप्टिक से हैण्ड रब करते है तो उसे 7 से 10 बार उपयोग करने के बाद प्रापर हैंड वाश कर लेना चाहिए और शुरूआत में भी हैण्ड वाॅश करने के बाद ही हैण्ड रब करना चाहिए।
कई बीमारियों से हो सकता है बचाव
कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह मे कुलपति प्रोफेसर एमएलबी भट्ट ने कहा कि हैण्ड हाइजीन बहुत ही महत्वपूर्ण है। इससे हम विभिन्न तरह के संक्रमणों से बच सकते हैं। अस्पतालों में सभी चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाॅफ को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देशानुसार हैण्ड हाइजीन का अुनपालन करना चाहिए। हैण्ड हाइजीन एवं हाइजीन से हम विभिन्न प्रकार के बीमारियों से बच सकते है और समाज को स्वस्थ बना सकते है। हैण्ड हाइजीन का अनुपालन हमे केवल अस्पतालो में ही नही बल्कि अपने जीवन में अपने घर और अपने समाज में भी करना चाहिए। भारतीय समाज में प्राचीन काल से हैण्ड हाइजीन एवं हाइजीन का विशेष खयाल रखा जाता है। कार्यक्रम के दौरान डाॅ प्रशांत गुप्ता, प्रोफेसर एसएन शंखवार, प्रोफेसर मधुमति गोयल, प्रोफेसर बीके ओझा, प्रोफेसर कीर्ति श्रीवास्तव, डाॅ अनुपम वाखलू, प्रोफेसर विमला वेंकटेश सहित विभिन्न संकायो के संकाय सदस्य एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
Published on:
05 May 2018 06:32 pm
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