हेरिटेज भवन होने के साथ-साथ आजादी की कई घटनाओं का गवाह रहा है लखनऊ जीपीओ - डाक निदेशक केके यादव
लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि लखनऊ जीपीओ ऐतिहासिक होने के साथ-साथ राजधानी के चुनिन्दा हेरिटेज भवनों में शामिल है। हजरतगंज के हृदयस्थल में राजभवन और विधान सभा भवन के बगल में स्थित जीपीओ स्वतंत्रता आंदोलन की कई महत्वपूर्ण घटनाओं का यह गवाह रहा है। यहीं पर काकोरी कांड की सुनवाई हुई थी। 71वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर लखनऊ जीपीओ रंगीन रोशनी में नहाया नजर आया। रंग-बिरंगी लड़ियों से जीपीओ को सजाया गया है।
अंग्रेजों का रिंग थियेटर हुआ करता था
कृष्ण कुमार ने बताया कि एक जमाने में यहाँ अंग्रेजों का रिंग थियेटर हुआ करता था, 1929 से 1932 के दौरान वर्तमान जीपीओ भवन अस्तित्व में आया। इसके समक्ष स्थित जीपीओ पार्क आज भी राजधानी में तमाम राजनैतिक और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बिन्दु है। लखनऊ जीपीओ के चीफ पोस्टमास्टर आर. एन. यादव ने बताया कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रातः 8:30 बजे ध्वजारोहण कार्यक्रम होगा