निजी
बिल्डरों के साथ ही प्रदेश भर के प्राधिकरण और आवास विभाग, रियल एस्टेट
रेगुलेटरी अथॉरिटी
(रेरा) के दायरे में आएंगे। आवासीय योजनाओं में कब्जे के लिए प्रदेश भर में
करीब पचास हजार से अधिक आवंटी भटक रहे हैं। 1 अगस्त से लागू होने वाले इस
बिल के बाद इन सरकारी विभागों पर भी कार्रवाई हो सकेगी।