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48 वर्षों बाद नवाबी नगरी के स्कूल में लौटा रग्बी का खेल

7 से 9 क्लास के 300 बच्चों ने अभी तक इस खेल को सीखने में रूचि दिखाई है।

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Dikshant Sharma

Sep 28, 2016

Rugby in lucknow

Rugby in lucknow

लखनऊ।
48 वर्षों के बाद रग्बी का खेल नवाबी शहर में लौटने को तैयार है। लखनऊ के ला-मार्टिनियर कॉलेज में न्यूज़लॉन रग्बी टीम के कोच केन टूरॉय छात्रों को परिक्षण देंगे। आपको बतादें ला-मार्टिनियर देश में ऐसे कुछ ही चुनिंदा स्कूलों में से है जहां रग्बी का परिक्षण दिया जाएगा।


आखिर क्यों एक बार फिर लौट रहा है रग्बी

ला-मार्टिनियर के प्रिंसिपल फादर कार्लाइल मैकफ़ारलैंड ने कहा कि इस खेल को दुबारा शुरू ला-मार्टिनियर के पूर्व छात्रों के अनुरोध पर किया जा रहा है जो इस खेल का मज़ा स्कूल में उठा चुके हैं। 1968 तक फेयरी डेल फील्ड में रग्बी खेला जाता था। ये प्रस्ताव स्कूल के छात्र लेफ्टिनेंट कर्नल राजेंद्र सिंह , लेफ्टिनेंट कर्नल एके श्रीवास्तव और सलाहुद्दीन अहमद, स्कूल ने दिया है जो खुद रग्बी के खिलाड़ी रह चुके हैं।


लेफ्टिनेंट कर्नल राजेंद्र सिंह ने कहा कि कोच केन टूरॉय के अलावा एक अंतर्राष्ट्रीय कोच एक महीने के लिए मौजूद होंगे और भारतीय आर्मी रग्बी टीम के कोच एक हफ्ते के लिए। 7 से 9 क्लास के 300 बच्चों ने अभी तक इस खेल को सीखने में रूचि दिखाई है। ला-मार्टिनियर स्कूल के नए ग्राउंड बेकर्स फील्ड में अब ये खेल खेला जाएगा। बच्चों के साथ स्कूल के दो टीचरों को भी इस खेल का परिक्षण दिया जाएगा ताकि आगे भी इस खेल की प्रथा को जारी रखा जा सके।


आपको बतादें राजधानी लखनऊ इन अंतर्राष्ट्रीय खेलों में अपनी छाप छोड़ रही है। मार्टिनपुरवा स्थित ला-मार्टिनियर के पास ही गोल्फ कोर्स बना हुआ है। इस खेल में भी लोगों की रूचि बढ़ी है। अभी तक राज कुमार, विजय कुमार और हरी राम जैसे बड़े नाम गोल्फ की दुनिया में लखनऊ का नाम रौशन कर चुके हैं। अब रिग्बी के पुनः शुरू होने से लखनऊ वासी रग्बी खेल में भी अपनी छाप छोड़ सकेंगे।