
Jodhpur Central Jail (Patrika Photo)
Jodhpur Central Jail: केंद्रीय कारागृह जोधपुर में विचाराधीन बंदी रूपाराम की मौत को लेकर हुई न्यायिक जांच में इसे हत्या माना है। रूपाराम की मृत्यु स्वाभाविक नहीं थी, बल्कि उसके सिर और गर्दन पर आई गंभीर चोटों के कारण मौत हुई।
जेल प्रशासन की ओर से जिस मौत को हार्ट अटैक बताया गया, उसे मेडिकल और न्यायिक साक्ष्यों ने पूरी तरह खारिज कर दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जोधपुर महानगर के आदेश पर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुभव तिवाड़ी ने यह जांच की थी।
जांच में दस्तावेजी साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान शामिल किए गए। रूपाराम को 15 अगस्त 2023 को पाली जिले के गुड़ा एंदला थाने के आपराधिक मामले में न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। दो जुलाई 2025 को उसकी मौत हो गई थी।
बताते चलें, रूपाराम सीरवी (41) पॉक्सो एक्ट मामले में जोधपुर जेल में बंद था। उसे पाली जेल से भेजा गया था। उन दिनों उसकी तबीयत खराब हो गई थी। जेल डिस्पेंसरी में जांच के बाद उसे महात्मा गांधी अस्पताल भेजा गया था, जहां गत दो जुलाई को उसकी मौत हो गई थी।
हत्या का अंदेशा जताकर परिजन धरने पर बैठ गए थे। समझाइश और निष्पक्ष जांच के आश्वासन पर पोस्टमॉर्टम कराया गया था। लेकिन वे गुंदोज के पास समाज के भवन में शव रखकर धरना दिया गया था।
मृतक बंदी के गले पर गंभीर और बड़ा घाव होने का पता लगते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया था। जेल में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। जेल डिस्पेंसरी में डॉक्टर और नर्सिंगकर्मियों से भी पूछताछ की गई थी। फिलहाल, फुटेज में गले के पास घाव नजर नहीं आया था। डिस्पेंसरी कर्मियों ने भी जेल में बंदी के घाव न होने की जानकारी दी थी।
Updated on:
20 Jan 2026 04:44 am
Published on:
20 Jan 2026 04:44 am
