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दादा-दादी से डिंपल तक कुछ ऐसा रहा अखिलेश का सफर, बचपन में ही छिन गया था मां का साया

लखनऊ। यूपी इलेक्शन की तारीखों के ऐलान के बाद अभी भी सत्तारुढ़ी पार्टी में कलह जारी है। समाजवादी पार्टी दो गुटों में विभाजित होती नज़र आ रही है। पार्टी में सुलह के लिए बैठक दर बैठक हो रही है लेकिन इन सब के बावज़ूद कोई सुलह नहीं पा रही है। सिंबल को लेकर पार्टी के दो […]

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Akansha Singh

Jan 12, 2017

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लखनऊ। यूपी इलेक्शन की तारीखों के ऐलान के बाद अभी भी सत्तारुढ़ी पार्टी में कलह जारी है। समाजवादी पार्टी दो गुटों में विभाजित होती नज़र आ रही है। पार्टी में सुलह के लिए बैठक दर बैठक हो रही है लेकिन इन सब के बावज़ूद कोई सुलह नहीं पा रही है। सिंबल को लेकर पार्टी के दो गुट हो गए हैं। इसमें एक गुट है अपने दादा दादी के लाडले अखिलेश यादव का। जी हां अखिलेश यादव अपने दादा दादी के लाडले पोते थे। लाडले होने के नाते दादी दादा उनकी हर ज़िद्द पूरी करते था। उनके ज़िद्दी होने का प्रमाण अभी हाल में मुलायम सिंह यादव ने दे ही दिया है। हुआ यूं की समाजवादी कलह के बीच मुलायम की दोनों पोतियां यानि अखिलेश की दोनों बेटियां अदिति और टीना कलह से बेखबर होकर अपने बाबा से मिलने गईं थीं। मुलाकात के दौरान मुलायम सिंह ने उनको चिढ़ाते हुए कहा कि "तुम्हारा बाप बड़ा जिद्दी है।" इसके बाद तो साफ़ नज़र अाता है की अखिलेश सच में जिद्दी हैं। आइये हम आज आपको उनके इस जिद्दीपन से लेकर लड़कपन और राजनीति करियर की सैर कराते हैं-


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अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को इटावा जिले के सैफई गांव में समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव की पहली पत्नी मालती देवी के यहां हुआ। इनकी मां का देहांत बचपन में ही हो गया था। इनके उपनाम टीपू है।

शिक्षा-दीक्षा

5"7' कद के 45 वर्षीय अखिलेश यादव की ने राजस्थान मिलिट्री स्कूल धौलपुर से शिक्षा प्राप्त की[3] उन्होंने अभियान्त्रिकी में स्नातक की उपाधि मैसूर के एस॰ जे॰ कालेज ऑफ इंजीनियरिंग से ली, बाद में विदेश चले गये और सिडनी विश्वविद्यालय से पर्यावरण अभियान्त्रिकी में स्नातकोत्तर किया।

अखिलेश की लव लाइफ

अखिलेश यादव मात्र 25 साल की उम्र में प्यार में खो गए थे। उनको प्यार हुआ उत्तराखंड की पहाड़ी बाला डिंपल से। अपने से चार साल छोटी लड़की की मुहब्बत में अखिलेश इस कदर पागल हुए कि उन्होंने शादी करके ही दम लिया और अपने प्यार को एक खूबसूरत मकाम दे दिया। फौजी पिता की सुपत्री डिंपल रिटायर्ड आर्मी कर्नल एस . सी . रावत की बेटी हैं। डिंपल और अखिलेश को शादी से तीन बच्चे अदिति, टीना और अर्जुन हैं। जिनमें से टीना और अर्जुन जुड़वा है। घर में छोटों के लिए वे अखिलेश दादा हैं, लेकिन डिंपल के लिए 'एडी'। वो अखिलेश के लिए यही संबोधन इस्तेमाल करती हैं।

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राजनीतिक सफर

अखिलेश ने मई 2009 के लोकसभा उप-चुनाव में फिरोजाबाद सीट से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी एस०पी०एस० बघेल को 67,301 मतों से हराकर सफलता प्राप्त की। इसके अतिरिक्त वे कन्नौज से भी जीते। बाद में उन्होंने फिरोजाबाद सीट से त्यागपत्र दे दिया और कन्नौज सीट अपने पास रखी।

मुख्यमन्त्री के रूप में इनका सफर

पहली बार साल 2000 में कन्नौज लोकसभा सीट से उपचुनाव जीता और राजनीति में एक्‍टि‍व हुए। वह सीट पिता मुलायम सिंह यादव के इस्तीफे से खाली हुई थी। अखि‍लेश यादव साल 2000-2004, 2004-2009, 2009-2012 तक तीन बार सांसद रहे। मार्च 2012 के विधान सभा चुनाव में 224 सीटें जीतकर मात्र 38 वर्ष की आयु में ही वे उत्तर प्रदेश के 33वें मुख्यमन्त्री बन गये।

उनकी सरकार को दूसरा झटका तब लगा जब एक आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को निलम्बित करने पर चारों ओर से उनकी आलोचना हुई। जिसके परिणाम स्वरूप उन्हें नागपाल को बहाल करना पड़ा। 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों में 43 व्यक्तियों के मारे जाने व 93 के घायल होने पर कर्फ्यू लगाना पड़ा तथा सेना ने आकर स्थिति पर काबू किया। मुस्लिम व हिन्दू जाटों के बीच हुए इस भयंकर दंगे से उनकी सरकार की बड़ी किरकिरी हुई।


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जब पिता से हुआ मन मुटाव

राजनीती में आने के बाद अखिलेश के जीवन में कई बार उथल पुथल हुए। लेकिन सबसे बड़ा झटका तब लगा जब उनके और पिता मुलायम सिंह के बीच दरार पैदा हो गई। जुलाई 2012 में जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने उनके कार्य की आलोचना करते हुए व्यापक सुधार का सुझाव दिया तो जनता में यह सन्देश गया कि सरकार तो उनके पिता और दोनों चाचा चला रहे हैं, अखिलेश नहीं। इसके बाद जो मन मुटाव शुरू वो आजतक ख़त्म नहीं हुआ। इस झगड़े से पार्टी टूटने के कगार पर आ गई है।

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क्या हैं इनके शौक

अखिलेश यादव के शौक कुछ अलग नहीं हर आम इंसान की तरह हैं। इनकी खास रूचि फ़ुटबाल में हैं। फुटबॉल के साथ साथ इन्हें क्रिकेट भी पसंद है। इसके अलावा इन्हें गाने सुनना, फिल्में देखना, किताबें पढ़ना पसंद है।

जब फंसे विवादों में

अखिलेश यादव का नाता विवादों से भी रहा है। 2013 में आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के नालंबन के बाद वे विवादों में घिर गए थे। इसके अलावा वर्ष 2014 में एक प्राथमिकी को डाउनलोड करने और बॉलीवुड फिल्म पीके की पाइरेटेड कॉपी देखने के लिए उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

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