लखनऊ

जयंत-अखिलेश में टकराव की वजह बनेगा राजस्थान का चुनाव? यहां सारे समीकरण उलट-पुलट रहे

Samajwadi Party-RLd Alliance उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं लेकिन राजस्थान में हालात अलग हो गए हैं।

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Mar 25, 2023
जंयत चौधरी और अखिलेश यादव(लाल टोपी में) ने यूपी निकाय चुनाव भी साथ लड़ने की बात कही है

राजस्थान में इस साल विधानसभा का चुनाव होना है। चुनाव में सबसे ज्यादा नजरें कांग्रेस और भाजपा पर हैं। ये दोनों राजस्थान की सबसे बड़ी पार्टियां हैं। ऐसे में मुख्य मुकाबला भी इन्हीं के बीच होना है। इस सबसे के साथ इस चुनाव में उत्तर प्रदेश में प्रभाव रखने वाली दो पार्टियों सपा और राष्ट्रीय लोकदल के रिश्ते की भी परीक्षा है। इसकी वजह राजस्थान में एकदम अलहदा चुनावी समीकरण होना है।


यूपी में सपा-आरएलडी साथ
उत्तर प्रदेश में बीते 5 साल से समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल साथ में हैं। 2018 में यूपी में हुए उपचुनाव के समय दोनों पार्टियां साथ आईं। इसके बाद 2019 का लोकसभा और 2022 का विधानसभा साथ में लड़ा। बीते साल दिसंबर में हुए उपचुनाव में भी दोनों दल साथ रहे।

अखिलेश यादव और जयंत चौधरी लगातार ये कहते रहे हैं कि उनका गठबंधन मजबूत है। दोनों दल 2024 का लोकसभा चुनाव भी मिलकर लड़ेंगे। 2024 के लोकसभा से पहले 2023 में राजस्थान में विधानसभा चुनाव होना है। ये चुनाव इन दोनों पार्टियों के एलायंस के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। ऐसे कहने की क्या वजह है, ये आपको बता रहे हैं।


राजस्थान में RLD कांग्रेस के साथ
राजस्थान में जयंत चौधरी की आरएलडी और कांग्रेस का गठबंधन है। दोनों दलों ने 2018 का चुनाव साथ में लड़ा था। कांग्रेस ने 99 सीटें जीती थीं तो आरएलडी भी भरतपुर सीट जीतने में कामयाब रही थी।

2018 में कांग्रेस की सरकार बनी। आरएलडी विधायक सुभाष गर्ग भी राजस्थान सरकार में मंत्री हैं। दोनों दल एक बार फिर साथ में चुनाव लड़ने की बात कह रहे हैं। दूसरी तरफ सपा कांग्रेस से लड़ने के मूड में है।


सपा सभी 200 सीटों पर लड़ने की तैयारी में
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के 2018 के राजस्थान चुनाव में रिश्ते बिगड़ गए थे। दोनों दलों ने गठबंधन कर चुनाव लड़ने की बात कही थी लेकिन ऐन मौके पर गठबंधन टूट गया था। इस दफा सपा ने आने वाले विधानसभा चुनाव में सभी 200 सीटों पर अपने दम पर लड़ने की घोषणा कर दी है।

सपा राजस्थान की सभी सीटों पर लड़ेगी तो जाहिर है वो आरएलडी के सामने भी कैंडिडेट खड़ा करेगी। जयंत और अखिलेश जो यूपी में मजबूत और भरोसेमंद साथी हैं, राजस्थान में आमने-सामने हो जाएंगे।

सपा-आरएलडी राजस्थान में आमने-सामने होंग तो इसका असर यूपी में गठबंधन पर ना हो, ऐसा नहीं हो सकता। ऐसे में जाहिर है कि 2024 के लोकसभा से पहले राजस्थान का विधानसभा भी अखिलेश और जयंत के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं होने जा रहा है।

Updated on:
25 Mar 2023 11:16 am
Published on:
25 Mar 2023 11:15 am
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