लखनऊ.थाईलैंड में पाई जाने वाली दुर्लभ मछली स्टिंग रे अब शहर के नवाब वाजिद अली शाह चिड़ियाघर में देखने को मिलेगी। स्टिंग रे मछली ज़ू के एक्वेरियम में रखी जाएगी जिसको पब्लिक रविवार से देख सकेंगे। यह खास मछली दर्शकों के लिए शनिवार को चिड़ियाघर लाई गई।
देखने में सुंदर और विचित्र इस मछली के बारे में आपने कभी सुना नहीं है तो आपके लिए अच्छा मौका है। आप लखनऊ ज़ू में इस मछली को देख सकेंगे।थाईलैंड से मंगाई गई इस मछली की उम्र अभी डेढ़ वर्ष है। इसकी औसतन आयु 80 साल होती है।
मछली के अनावरण के मौके पर ज़ू के निदेशक अनुपम गुप्ता ने बताया की यह स्टिंग रे मछली की कई प्रजातियां दुनिया में पाई जाती है। यह पूर्वी एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका की कई मीठे पानी की नदियों में पाई जाती है।
ज़ू में इस मछली को रखने के लिए की गई व्यवस्था ज़ू के एक्वेरियम में ज़ू प्रसाशन द्वारा टैंक बनवाया गया है जिसमें मछली को रखा जाएगा। इस मछली की लम्बाई 21 तक पाई गई है।
करेंट मरती है मछली ज़ू के निदेशक अनुपम गुप्ता ने बतया की यह भ्रम है की यह मछली करेंट मरती है। दरअसल यह मछली अपने पूंछ से शिकार करती है। इस दौरान शिकार में यह म्यूकस डाल देती है जिससे लगता है की करेंट लग गया। इसके अटैक से शिकार को लकवा मार जाता है। स्टिंग रे को ज़िंदा मछली खाना पसंद है। इस मछली का संरक्षण दुनिया के कई देशों में किया जा रहा है।