
वैष्णव: दक्षिण में बनेगा हाई स्पीड डायमंड रेल कॉरिडोर। बंगाल से गुजरात तक नया फ्रेट कॉरिडोर (इमेज सोर्स: AI जनरेटेड)
Indian Railways Budget 2026: केन्द्रीय आम बजट में रेलवे को 2 लाख 73 करोड़ रुपए का बजट दिया गया है। इसके अलावा मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन हाइ स्पीड कॉरिडोर की तर्ज पर सात नए हाई स्पीड कॉरिडोर और बंगाल से गुजरात तक नया फ्रेट कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है।
केन्द्रीय सूचना प्रसारण, आइटी व रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पत्रकार वार्ता में बताया कि इस बार केन्द्र सरकार ने रेलवे के लिए 2 लाख 73 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया है। इस बजट से रेलवे सुरक्षा, आधुनिकरण और यात्री सुविधा के कार्यों को और गति मिलेगी। यात्री सुरक्षा पर करीब 1.20 लाख करोड़ रुपए का बजट खर्च होगा। उन्होंने बताया कि दक्षिण भारत के पांच राज्य केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलांगना के साथ केन्द्र शासित पुदुचेरी में हाइ-स्पीड रेल डायमंड कॉरिडोर बनेगा। यह इन राज्यों की तस्वीर बदलने वाला होगा। इन पर 16 लाख करोड़ रुपए क निवेश होगा। इसके अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल भी हाई स्पीड रेल से जुड़ेंगे। जबकि पश्चिम बंगाल से ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से गुजरात के सूरत तक नया फ्रेट कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। 2052 किमी का ईस्ट वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर और 7 हाई स्पीड कॉरिडोर मिलकर रेलवे को नई एनर्जी देंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रेलवे की टेक्नोलॉजी का सबसे इंपोर्टेंट पार्ट किसी भी ट्रेन का प्रोपल्शन सिस्टम होता है। आज भारत में डिजाइन, भारत में बना हुआ प्रोपल्शन स्विट्जरलैंड, जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, अमरीका में एक्सपोर्ट हो रहा है।
ब्रॉड-गेज नेटवर्क का 99.5त्न से ज्यादा विद्युतीकरण
वैष्णव ने इन्फ्रास्ट्रक्चर में हासिल की गई रेकॉर्ड उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 35,000 किलोमीटर नई पटरियों का निर्माण, 47,000 किलोमीटर का विद्युतीकरण और ब्रॉड-गेज नेटवर्क के 99.5 फीसदी से अधिक हिस्से का विद्युतीकरण शामिल है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत स्लीपर और चेयर कार ट्रेनों, अमृत भारत और नमो भारत ट्रेनों का निर्माण, साथ ही रेकॉर्ड संख्या में वैगनों की भर्ती, अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रही है।
| हाई स्पीड रेल कॉरिडोर | यात्रा समय |
|---|---|
| मुंबई – पुणे | 48 मिनट |
| पुणे – हैदराबाद | 1 घंटा 55 मिनट |
| हैदराबाद – बेंगलुरु | 2 घंटे |
| हैदराबाद – चेन्नई | 2 घंटे 55 मिनट |
| चेन्नई – बेंगलुरु | 1 घंटा 13 मिनट |
| दिल्ली – वाराणसी | 3 घंटे 50 मिनट |
| वाराणसी – सिलीगुड़ी | 2 घंटे 55 मिनट |
भाजपा के लिए दक्षिण भारतीय राज्य कमजोर कड़ी रहे हैं। यही वजह है बजट में हाइ स्पीड रेल कॉरिडोर के माध्यम से दक्षिण के पांच राज्यों को एक साथ साधने की कोशिश की है। हैदराबाद और बेंगलूरू वैसे भी आइटी के हब माने जाते हैं। ऐेसे में हाइ स्पीड रेलवे कॉरिडोर बनाकर भाजपा अपनी पैठ जमाना चाहती है। हाल में केरल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं। जहां भाजपा अब तक सरकार नहीं बना सकी है। इसी तरह चुनावी राज्य बंगाल के दाकोनी से गुजरात तक रेलवे का फ्रेट कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है।
Published on:
02 Feb 2026 02:41 am

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