
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केटीआर (इमेज सोर्स: आईएएनएस)
Budget BRS Leader Statement: केंद्रीय बजट 2026–27 पर राजनीति गरमा गई है। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने आरोप लगाया है कि केंद्र ने एक बार फिर तेलंगाना के साथ नाइंसाफी की है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी दिल्ली के लगभग 60 चक्कर लगा आए, लेकिन राज्य को ‘एक रुपये’ का भी फायदा नहीं मिला। केटीआर का कहना है कि पिछले दस सालों से केंद्र सरकार तेलंगाना के साथ भेदभाव कर रही है और इस बार भी बजट में राज्य के हिस्से की अनदेखी साफ दिखती है।
बीआरएस नेता के.टी. रामा राव ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस और भाजपा के बीच चली आ रही ‘बड़े भाई–छोटे भाई’ की राजनीति तेलंगाना के किसी काम नहीं आई। उनके मुताबिक, नया बजट साफ दिखाता है कि इस समझ से राज्य को कोई वित्तीय फायदा नहीं मिला।
केटीआर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की दिल्ली यात्राएं राज्य के हितों के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक मजबूरियों के कारण थीं। उन्होंने कहा कि बजट ने साबित कर दिया है कि ये सारी मुलाकातें पूरी तरह बेकार रहीं, क्योंकि तेलंगाना को फिर खाली हाथ लौटना पड़ा, जबकि कई अन्य राज्यों को बड़े आवंटन मिले।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र में बैठे तेलंगाना के सांसद और मंत्री भी संसद में राज्य की आवाज बुलंद करने में नाकाम रहे। केंद्रीय कैबिनेट में प्रतिनिधित्व होने के बावजूद, राज्य को कोई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट नहीं मिला, जो तेलंगाना के गठन के बाद से हो रही लगातार अनदेखी को दिखाता है।
केटीआर ने याद दिलाया कि पिछले दस सालों से सिंचाई परियोजनाओं, मेट्रो विस्तार, रेलवे लाइनों, शैक्षणिक संस्थानों और बय्याराम स्टील प्लांट जैसी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना है कि यह चूक नहीं, बल्कि भेदभाव का सिलसिला है।
बीआरएस नेता केटीआर ने कहा कि बजट में तेलंगाना के साथ हुए गंभीर अन्याय के लिए कांग्रेस और भाजपा के सभी सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और राज्य सरकार को लोगों के सामने जवाब देना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि पड़ोसी राज्यों को हर साल केंद्र से बड़ी मदद मिलती है, और यह फर्क जनता भी साफ देख रही है।
केटीआर का कहना है कि ताजा बजट ने फिर साबित कर दिया है कि राष्ट्रीय पार्टियां तेलंगाना के हितों की रक्षा नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों और दोनों पार्टियों के सांसदों से अपील की कि वे राज्य को फंड नहीं दिला पाने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
उन्होंने तेलंगाना भाजपा नेताओं पर भी निशाना साधा और कहा कि वे संसद में राज्य की आवाज उठाने में कमजोर पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस और भाजपा- दोनों पार्टियों के समान संख्या में सांसद होने के बावजूद तेलंगाना को बजट में कोई ठोस फायदा नहीं मिला।
Updated on:
01 Feb 2026 11:32 pm
Published on:
01 Feb 2026 11:32 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
