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क्या NDA से नाता तोड़ेगी अजित पवार की पार्टी? NCP के दिग्गज नेता ने क्लियर किया स्टैंड

अजित पवार के प्लेन क्रैश में निधन (28 जनवरी 2026) के बाद सियासी गलियारों में कई अटकलें लग रही थीं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि एनसीपी (अजित गुट) और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के विलय की तारीख 12 फरवरी तय है, जिससे एनडीए गठबंधन पर सवाल उठे।

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Sunil Tatkare

एनसीपी के महाराष्ट्र प्रदेश सुनील तटकरे

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के निधन के बाद उठे सवालों के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने स्पष्ट कर दिया है कि वह बीजेपी नीत एनडीए के साथ बनी रहेगी। एनसीपी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सुनील तटकरे ने रविवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अजित पवार की विचारधारा और मार्ग पर पार्टी अडिग रहेगी, और एनडीए से कोई ब्रेकअप नहीं होगा।

अजित पवार के निधन के बाद उठे कयास

अजित पवार के प्लेन क्रैश में निधन (28 जनवरी 2026) के बाद सियासी गलियारों में कई अटकलें लग रही थीं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि एनसीपी (अजित गुट) और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के विलय की तारीख 12 फरवरी तय है, जिससे एनडीए गठबंधन पर सवाल उठे। इसके अलावा सुनेत्रा पवार को महज तीन दिनों में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने पर भी विवाद हुआ। इन सबके बीच तटकरे का बयान पार्टी की स्थिति साफ करने वाला आया है।



तटकरे का स्पष्ट बयान – 'एनडीए के साथ रहेंगे'



तटकरे ने कहा, "लोग चाहे कुछ भी कहें, हमारा रुख स्पष्ट है। हम पार्टी और अजितदादा की विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे। हम इस रुख पर अडिग हैं।" उन्होंने आगे जोड़ा, "हम एनडीए के साथ हैं और एनडीए के साथ ही रहेंगे। अजितदादा ने यह निर्णय सोच-समझकर लिया था।" तटकरे ने याद दिलाया कि एनडीए के साथ तालमेल का फैसला अजित पवार के नेतृत्व में सामूहिक रूप से लिया गया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी अजित पवार की सहमति के बिना कोई राजनीतिक फैसला नहीं लिया।

सुनेत्रा पवार की शपथ पर बचाव

सुनेत्रा पवार की 'जल्दबाजी' में उपमुख्यमंत्री बनने पर आलोचना के जवाब में तटकरे ने कहा कि संविधान सभी को अपनी राय रखने का अधिकार देता है। उन्होंने इसे महाराष्ट्र के हित में और एनसीपी को मजबूत करने वाला कदम बताया। तटकरे ने कहा कि इसमें कुछ गलत नहीं है, क्योंकि यह महाराष्ट्र में स्थिरता बनाए रखने और अजित पवार के विकसित राज्य के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए जरूरी था। उन्होंने एनडीए के भीतर सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए बीजेपी की भी प्रशंसा की।

पार्टी का भविष्य और विचारधारा

तटकरे ने जोर दिया कि एनसीपी अब दिवंगत अजित पवार की विचारधारा पर चलते हुए आगे बढ़ेगी। राज्यसभा उम्मीदवार जैसे फैसले पार्टी का आंतरिक मामला हैं। यह बयान विलय की अफवाहों को खारिज करता है और महायुति गठबंधन (बीजेपी-एनसीपी-शिवसेना) की मजबूती दिखाता है। अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार की भूमिका बढ़ी है, लेकिन एनडीए से अलग होने की कोई संभावना नहीं दिख रही।