
Teerorist interrogation pan to explode cities with fruit bomb
लखनऊ. Teerorist interrogation pan to explode cities with fruit bomb. एटीएस (UP ATS) द्वारा गिरफ्तार किए गए आतंकी मिनहाज के प्लान को लेकर कई खुलासे हुए हैं। आतंकी मिनहाज और उसके साथियों की कानपुर समेत पड़ोसी जनपदों को फ्रूट बम से उड़ाने की योजना था। खरबूज के आकार का बस तैयार कर आतंकियों ने कानपुर और आसपास के जिलों को उड़ाने की योजना बनाई थी। इस राज के सामने आने के बाद मॉड्यूल की तलाश और तेज हो गई है। पकड़े गए आतंकियों के पास से सात से आठ किलो बारूद बरामद हुई थी। उसके बारे में भी गहन पड़ताल की जा रही है कि यह बारूद और कुकर बम बनाने के लिए प्रयोग में आने वाले केमिकल की सप्लाई कौन करता था।
फ्रूट बम से तबाही मचाने की साजिश
आतंकी मिनहाज और उसके साथियों ने पूछताछ में बताया कि उनके आका ने फ्रूट बम से यूपी दहलाने की बात कही थी। वह एक गेंद में विस्फोटक सामग्री भरने की योजना बना रहे थे। खरबूजे के आकार के फल को काटकर उसमें उस गेंद को रखकर फ्रूट बम उन्हें बनाना था। फल को कहीं भी लाने ले जाने में आसानी होती है इसलिए उन्हें भरोसा था कि चेकिंग में फल दिखाकर वह पकड़े भी नहीं जाते। उनके आकाओं का फरमान था कि फ्रूट बम से लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और अयोध्या समेत कई शहरों में तबाही मचानी है।
आतंकी मिनहाज के घर से सात से आठ बारूद बरामद हुई थी। आतंकी मिनहाज के पकड़े जाने के बाद से कानपुर के पेचबाग में रहने वाले साथी जिसने मिनहाज को बारूद मुहैया कराई थी, वह फरार है। यूपी एटीएस और खुफिया विभाग की टीम अब पेचबाग में रहने वाले मिनहाज के साथी के एक मित्र को खोज निकाला है। उसकी मदद से उसकी तलाश में जुट गई है।
क्रैश कोर्स में मिलती थी आतंकी शिक्षा
पकड़े गए आतंकियों ने पुलिस के सामने यह खुलासा किया था कि उन्हें क्रैश कोर्स के बहाने आतंकी शिक्षा दी जाती रही है। पहला कोर्स पास हो जाने के बाद आतंक की दुनिया में काम कर रहे और सक्रिय लोगों के बारे में बताया जाता है। युवाओं को उनके बारे में पढ़ाया जाता है, जिनको कोडवर्ड में 'भाईजान' के रूप में जाना जाता है। युवाओं का ब्रेनवॉश करके उन्हें इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता था। फिर धीरे-धीरे जिहाद के रास्ते पर आने के लिए प्रेरित किया जाता है। दो कोर्स को पास करने के बाद युवाओं को पर्सनल कॉन्टैक्ट किया जाता है और उनके पास अन्य काम कर रहे गुर्गों को भेजा जाता है। वफादारी के बारे में पता लगाने के लिए उनको एक टास्क दिया जाता है। इस टास्क के पास हो जाने के बाद हैंडलर इन से डायरेक्ट वीडियो कॉल से बात करते हैं। वीडियो कॉल में उनको कब, कहां और किस वक्त किसी बड़ी घटना को अंजाम देना है, इसकी जानकारी दी जाती है।
Published on:
23 Jul 2021 09:44 am
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