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इन वजहों से सरकार ने ‘ विक्स एक्शन 500 एक्स्ट्रा ‘ और ‘ कोरेक्स ‘ पर लगाया बैन

यूपी फॉर्मेसी कॉउंसिल के चेयरमैन सुनील यादव ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से मल्टी ड्रग मिश्रण वाली दवाओं के चलते शरीर को होने वाले नुकसान के बारे में लगातार आगाह किया जाता रहा है।

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Rohit Singh

Mar 15, 2016

COREX

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लखनऊ।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद कोरेक्स और विक्स एक्शन 500 एक्स्ट्रा
सहित 300 से ऊपर दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी है। जोकि जनता के हित में
लिया गया फैसला है। इन दवाओं पर रोक के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय
500 और दवाओं पर रोक लगाने की तैयारी में है। केंद्र सरकार के इस फैसले का
राजधानी के ड्रग एक्सपर्ट्स की ओर से स्वागत किया गया है।


यूपी
फॉर्मेसी कॉउंसिल के चेयरमैन सुनील यादव ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन
की ओर से मल्टी ड्रग मिश्रण वाली दवाओं के चलते शरीर को होने वाले नुकसान
के बारे में लगातार आगाह किया जाता रहा है। विक्स एक्शन 500 एक्स्ट्रा में
पैरासिटामोल, फेनिल्फराइन और कैफीन का निश्चित मात्रा में
मिश्रण होता है। जिसमें फेनिल्फराइन पहले से विदेशों में बैन है। इसके
आलावा कोरेक्स सीरप का प्रयोग लोग दवाई से ज्यादा नशे के लिए करने लगे थे।
इसलिए इसका तेजी से दुरुपयोग हो रहा था। नशेबाज नशे के लिए कोरेक्स की पूरी
शीशी पी जाते थे। इसलिए इसका बंद होना बहुत आवश्यक था। कोरेक्स में भी
अन्य तत्वों के आलावा फेनिल्फराइन काफी मात्रा में मिलाया जाता है।

सुनील
यादव ने बताया कि हर मरीज को दवा उसके वजन के हिसाब से दी जाती है। इसलिए
हर व्यक्ति के लिए दवा की मात्रा का निर्धारण अलग-अलग होगा लेकिन मल्टी
ड्रग मिक्स दवाइयों के चलते चिकित्सक हर मरीज को वही दवा पकड़ा रहे हैं।
जिससे मरीज को उचित लाभ नहीं मिल पायेगा। मान लीजिये किसी
मरीज को कैफीन केमिकल की आवश्यकता 10 ग्राम है लेकिन जो मल्टी ड्रग मिक्स
चिकित्सक की ओर से लिखी गयी है उसमें कैफीन की मात्रा 20 ग्राम है तो दवा
फायदे के बदले नुकसान करेगी।

केजीएमयू के
माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. अमिता जैन ने बताया कि मल्टी ड्रग दवाओं को लेकर
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से पहले से जागरूक किया जा रहा है कि इन दवाओं को
बगैर डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन के न लें लेकिन अगर अब इन दवाओं पर रोक लगाईं
जा रही है तो बहुत बढ़िया है। क्योंकि बिना प्रिस्क्रिपशन के ये दवाइयाँ
शरीर के उन बैक्टीरिया को नष्ट कर देती हैं जो शरीर के लिए लाभदायक होते
हैं। जिसके बाद कोई भी दवा आपकी बीमारी में फायदा नहीं पहुंचाती और आप की मौत हो जाती है।

बताते चलें कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने खांसी में लिए जाने वाले सिरप के मिश्रण
समेत ऐसी करीब 344 दवाओं को प्रतिबंधित कर दिया है, जिनमें दो या अधिक
दवाओं का निश्चित मात्रा में मिश्रण होता है। कहा गया है कि इससे सेहत को
जोखिम है, जबकि इसके सुरक्षित विकल्प मौजूद हैं।