
Mahendrajeet Singh Malviya (Patrika Photo)
बांसवाड़ा/जयपुर: राजस्थान की राजनीति में पिछले तीन दिनों से चर्चा का केंद्र बने बांगड़ अंचल के वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया के घर और उनकी व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। खास बात यह है कि यह कार्रवाई ऐसे समय पर सामने आई है, जब ठीक तीन दिन पहले ही मालवीया ने जयपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर भाजपा से कांग्रेस पार्टी में लौटने का सार्वजनिक एलान किया था।
बता दें कि मालवीया के भाजपा छोड़कर 23 महीने बाद कांग्रेस में वापसी की घोषणा के साथ ही राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगे थे कि आखिर वे किन परिस्थितियों और किस दबाव में पहले कांग्रेस से विधायक पद का इस्तीफा देकर भाजपा में गए थे। उस समय भी कांग्रेस के भीतर यह चर्चाएं आम थीं कि कुछ जांच एजेंसियों की संभावित कार्रवाई के डर ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया। अब कांग्रेस में लौटने के एलान के तुरंत बाद एसीबी की कार्रवाई सामने आने से इन चर्चाओं को और बल मिला है।
एसीबी सूत्रों के अनुसार, ब्यूरो की बांसवाड़ा चौकी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा के नेतृत्व में टीमें मंगलवार तड़के महेंद्रजीत सिंह मालवीया परिवार के कलिंजरा स्थित पेट्रोल पंप और मोटी टिम्बी स्थित क्रेशर प्लांट पर पहुंचीं और सर्च ऑपरेशन चलाया। इसके बाद टीम नाहरपुरा गांव में मालवीया के घर पहुंची, लेकिन वहां पहले से ही बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी और कार्रवाई के विरोध को देखते हुए टीमें बिना सर्च किए ही लौट गईं।
एएसपी ऋषिकेश मीणा ने ‘पत्रिका’ को बताया कि एक गोपनीय शिकायत के आधार पर जांच के लिए टीम गई थी। लेकिन सर्च और उसके नतीजों के बारे में उन्होंने कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, एसीबी की टीमें जब कार्रवाई के लिए पहुंचीं, उससे पहले महेंद्रजीत मालवीया जयपुर के लिए रवाना हो चुके थे और उदयपुर तक पहुंच गए थे। इसी दौरान उनकी पत्नी और निवर्तमान जिला प्रमुख रेशम मालवीया ने फोन पर एसीबी टीम के पहुंचने की सूचना दी, जिसके बाद वे अपना सफर बीच में छोड़कर नाहरपुरा स्थित अपने घर लौट आए।
कार्रवाई की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में समर्थक भी उनके घर पहुंच गए। इस बीच दोपहर में आयकर और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी की अफवाहें भी राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बनी रहीं।
इस पूरे मामले पर पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने कहा कि पेट्रोल पंप मीटर-टू-मीटर चलता है और कमीशन भी चेक से मिलता है, वहां कुछ भी संदिग्ध नहीं है। क्रेशर प्लांट को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वहां ऐसा क्या है, जिससे कुछ निकल आए। मालवीया ने कहा कि यह पूरी कार्रवाई दबाव बनाने के लिए की जा रही है। लेकिन वे अपने निर्णय पर पूरी तरह दृढ़ हैं और जो होगा, देखा जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रेसवार्ता में तीखी प्रतिक्रिया दी। डोटासरा ने कहा कि जैसे ही मालवीया ने कांग्रेस में लौटने का एलान किया, वैसे ही जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं और छापेमारी शुरू कर दी गई। उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कार्रवाई करार दिया।
गौरतलब है कि कांग्रेस से एक बार सांसद और चार बार विधायक रह चुके महेंद्रजीत मालवीया ने करीब 23 महीने पहले कांग्रेस पार्टी और विधायक पद छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। बाद में भाजपा ने उन्हें लोकसभा चुनाव भी लड़ाया, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
रविवार (10 जनवरी) को उन्होंने जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से मुलाकात के बाद कांग्रेस में वापसी की घोषणा की थी। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस से भाजपा में जाने को लेकर भी उस समय यह चर्चा जोरों पर थी कि वे किसी संभावित कार्रवाई के डर से पार्टी छोड़ रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं से कांस्टीट्यूशन क्लब में हुई मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में मालवीया ने कहा था कि भाजपा की सत्ता होने के बावजूद वे अपने क्षेत्र में जनता के काम नहीं करा पा रहे थे। डबल इंजन सरकार के भरोसे वे भाजपा में गए थे, लेकिन कार्यकर्ताओं और जनता की अपेक्षाएं पूरी नहीं हो सकीं। इसी कारण उन्होंने अपनी मर्जी से एक बार फिर कांग्रेस में लौटने का फैसला किया।
Published on:
14 Jan 2026 03:26 am

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