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Mahendrajeet Singh Malviya: राजस्थान की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में सिंचाई मंत्री रहे और वागड़ अंचल के दिग्गज आदिवासी नेता महेन्द्रजीत सिंह मालवीया की कांग्रेस में वापसी के एलान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है।
करीब 23 महीने पहले लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा का दामन थामने वाले मालवीया ने एक दिन पहले कांग्रेस में लौटने की औपचारिक घोषणा की और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात भी की। इसके साथ ही उनके भाजपा में जाने की असली वजहों पर फिर से चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार राजनीतिक हलकों में यह माना जाता रहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के कई नेता प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रडार पर थे। कुछ जगहों पर छापेमारी की कार्रवाई भी हुई थी।
इसी दौरान ईआरसीपी परियोजना से जुड़ी बजट फंडिंग, जमीनों की बिक्री के लिए टेंडर जारी करने और विरोध के बाद उन्हें निरस्त करने जैसे मामलों को लेकर सिंचाई विभाग से जुड़े विषय सुर्खियों में थे। हालांकि मालवीया पर सीधे तौर पर कोई आरोप सामने नहीं आए, लेकिन इन चर्चाओं को उनके कांग्रेस छोड़ने की प्रमुख वजहों में गिना गया।
मालवीया की वापसी के साथ ही कांग्रेस में घर वापसी की इनकी भी संभावनाएं चर्चा में हैं। पूर्व विधायक कैलाश मीणा, रामचन्द्र सराधना, अशोक तंवर, पूर्व सांसद खिलाड़ी लाल बैरवा और गोपाल गुर्जर जैसे कई नेता कांग्रेस नेतृत्व से संपर्क में बताए जा रहे हैं।
मालवीया पिछले काफी समय से कांग्रेस में वापसी की जमीन तलाश रहे थे। नववर्ष पर उनकी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात भी हुई थी। इस मुलाकात में पूर्व विधायक कांता गरासिया भी साथ थीं। अब माना जा रहा है कि मालवीया और कांता गरासिया की एक साथ पार्टी में वापसी हो सकती है।
डूंगरपुर जिले के प्रभारी व टीएडी मंत्री बाबूलाल खराड़ी सोमवार को डूंगरपुर दौरे पर रहे। पत्रकारों से बातचीत में मंत्री खराड़ी ने कहा कि यहां भाजपा में मालवीया को पूरा सम्मान दिया गया। वे यदि जाते हैं तो धन्यवाद, जो आए उसका स्वागत है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने मालवीया के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों को खारिज कर दिया। राठौड़ ने पत्रकारों से कहा कि न तो मालवीया ने उनसे कोई बात कही और न ही पार्टी के पास कोई जानकारी है। मालवीया के कांग्रेस में जाने के मामले में सच्चाई नहीं है।
लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने बगावत करने वाले कई नेताओं की वापसी कराई थी। इनमें पूर्व मंत्री वीरेंद्र बेनीवाल, बाड़मेर के पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह खान, ओम बिश्नोई, सुनील परिहार और कामां से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले मुख्तार खान शामिल थे। हाल ही में बाड़मेर के वरिष्ठ नेता मेवाराम जैन और अमीन खान भी कांग्रेस में लौट चुके हैं।
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Updated on:
13 Jan 2026 08:36 am
Published on:
13 Jan 2026 07:57 am

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