
उत्तराखंड के कैंची धाम में यूपी के सैन्य अफसर समेत छह लोगों की जमीन जब्त होगी
Kainchi Dham News:यूपी के एक सैन्य अफसर की कैंची धाम में करोड़ों की भूमि जब्त करने की तैयारी हो गई है। दरअसल, उत्तराखंड में लंबे समय से भू-कानून लागू करने की मांग पर आंदोलन चल रहे हैं। इसी को देखते हुए पिछले माह सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में बाहरी राज्यों के लोगों द्वारा खरीदी गई भूमि का ब्योरा तलब किया था। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलों के डीएम से बाहरी राज्यों के लोगों की उत्तराखंड में जमीनों का ब्योरा मांगा था। सभी जिलों ने शासन को रिपोर्ट भेज दी है। नैनीताल जिले के कैंची धाम में भी बड़ी तादात में बाहरी राज्यों के लोगों ने व्यापक पैमाने पर जमीनें खरीदी है। उनमें यूपी के सैन्य अफसर महपति पंवार पुत्र नरसिंह पंवार की 100 नाली भूमि के अलावा प्यूड़ा में तीन लोगों और छिमी मटेला में एक व्यक्ति की कुल 60 नाली जमीन का ब्योरा खतौनी में नहीं है। प्रशासन ने सैन्य अफसर महपति पंवार सहित छह लोगों की भूमि राज्य सरकार में निहित करने की तैयारी कर ली है।
यूपी के सैन्य अफसर ने कैंची धाम में सौ नाली जमीन खरीदी है। कैंची धाम में पिछले तीन-चार साल के भीतर जमीनों के दाम आसमान पहुंच गए हैं। यहां पर श्रद्धालुओं की तादात में भी भारी बढ़ोत्तरी हो रही है। कैंची धाम में एक नाली जमीन का बाजार मूल्य 50 लाख रुपये से ऊपर बताया जा रहा है। इसलिए वर्तमान में सौ नाली जमीन का बाजार रेट 50 करोड़ से अधिक है। दरअसल, उत्तराखंड में बाहरी राज्यों के लोग सवा नाली से अधिक भूमि नहीं खरीद सकते हैं। सवा नाली से अधिक भूमि खरीदने के लिए प्रशासन या शासन से अनुमति लेनी पड़ती है।
कैंची धाम में देश के बड़े-बड़े राजनेता, अभिनेता, उद्योगपति भी जमीनें खरीद रहे हैं। कैंची धाम में प्रशासन ने बाहरी राज्यों के छह लोगों की 210 नाली जमीन का ब्योरा सरकार को भेजा है। इनमें यूपी के सैन्य अफसर के अलावा पीयूष सिंघानिया पुत्र एसएन सिंघानिया निवासी वसुंधरा दिल्ली की 50 नाली और कूल में यूपी के सैन्य अफसर महपति पवार पुत्र नरसिंह पवार की 100 नाली भूमि के अलावा प्यूड़ा में तीन लोगों और छिमी मटेला में एक व्यक्ति की कुल 60 नाली जमीन का ब्योरा खतौनी में नहीं है।
Updated on:
12 Nov 2024 07:32 am
Published on:
12 Nov 2024 07:32 am
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