
फोटो : मंत्री संजय निषाद
लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को सदन का माहौल उस समय गरमा गया, जब कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और समाजवादी पार्टी के विधायकों के बीच तीखी बहस टकराव में बदल गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि सपा विधायक मंत्री के पास पहुंच गए और उनके हाथ से भाषण के कागज छीन लिए। इसके बाद सदन में अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई।
मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद बजट पर चर्चा के दौरान सरकार की उपलब्धियां गिना रहे थे और विपक्ष पर निशाना साध रहे थे। इसी दौरान उनके कुछ बयानों पर सपा सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई और विरोध शुरू कर दिया।
मंत्री के बयान से नाराज सपा विधायक अपनी सीट छोड़कर सदन के वेल में पहुंच गए और जोरदार नारेबाजी करने लगे। इसी बीच कुछ विधायक मंत्री के करीब पहुंच गए और उनके हाथ से भाषण के दस्तावेज छीन लिए। इससे सदन में हंगामा और बढ़ गया। संसदीय कार्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने इस घटना को गंभीर बताते हुए मंत्री के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया और इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है।
डॉ. निषाद ने अपने संबोधन के दौरान विपक्षी दलों पर निषाद समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, केवटवा, मल्लावा और बिंदवा कह कर मारा जाता था। हमारे समाज ने हमें यहां भेजा है कि जाओ और इन लोगों का पर्दाफाश करो। मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान एक शब्द पर आपत्ति जताई। बोले, नेता प्रतिपक्ष ने जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया है जो समाज के लिए अपमानजनक है। निषाद ने मांग की कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करवा देंगे।
सदन में बढ़ते विवाद को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने दोनों पक्षों को शांत कराया और सदन की गरिमा बनाए रखने की नसीहत दी। इसके बाद किसी तरह कार्यवाही को आगे बढ़ाया गया।
Updated on:
19 Feb 2026 03:29 pm
Published on:
19 Feb 2026 03:21 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
