19 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यूपी विधानसभा में हंगामा: मंत्री संजय निषाद से सपा विधायकों की तीखी झड़प, भाषण के कागज छीने, शिकायत दर्ज

लखनऊ : बजट चर्चा के दौरान मंत्री संजय निषाद और सपा विधायकों के बीच तीखी झड़प हुई। सपा विधायकों ने भाषण के कागज छीने, मामले की शिकायत दर्ज की गई। जानिए पुरा मामला क्या हुआ।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Himesh Rana

Feb 19, 2026

फोटो : मंत्री संजय निषाद

लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को सदन का माहौल उस समय गरमा गया, जब कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और समाजवादी पार्टी के विधायकों के बीच तीखी बहस टकराव में बदल गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि सपा विधायक मंत्री के पास पहुंच गए और उनके हाथ से भाषण के कागज छीन लिए। इसके बाद सदन में अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई।

उपलब्धियां गिना रहे थे संजय निषाद

मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद बजट पर चर्चा के दौरान सरकार की उपलब्धियां गिना रहे थे और विपक्ष पर निशाना साध रहे थे। इसी दौरान उनके कुछ बयानों पर सपा सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई और विरोध शुरू कर दिया।

विपक्ष के विरोध के बीच बढ़ा विवाद

मंत्री के बयान से नाराज सपा विधायक अपनी सीट छोड़कर सदन के वेल में पहुंच गए और जोरदार नारेबाजी करने लगे। इसी बीच कुछ विधायक मंत्री के करीब पहुंच गए और उनके हाथ से भाषण के दस्तावेज छीन लिए। इससे सदन में हंगामा और बढ़ गया। संसदीय कार्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने इस घटना को गंभीर बताते हुए मंत्री के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया और इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है।

'एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करवा देंगे'

डॉ. निषाद ने अपने संबोधन के दौरान विपक्षी दलों पर निषाद समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, केवटवा, मल्लावा और बिंदवा कह कर मारा जाता था। हमारे समाज ने हमें यहां भेजा है कि जाओ और इन लोगों का पर्दाफाश करो। मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान एक शब्द पर आपत्ति जताई। बोले, नेता प्रतिपक्ष ने जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया है जो समाज के लिए अपमानजनक है। निषाद ने मांग की कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करवा देंगे।

अध्यक्ष के हस्तक्षेप से शांत हुआ मामला

सदन में बढ़ते विवाद को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने दोनों पक्षों को शांत कराया और सदन की गरिमा बनाए रखने की नसीहत दी। इसके बाद किसी तरह कार्यवाही को आगे बढ़ाया गया।