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यूपी कैबिनेट बैठक में सीएम योगी का बड़ा फैसला, बदल दिया अब यहां का नाम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज हुई यूपी कैबिनेट बैठक में कई बड़े निर्णय लिए।

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लखनऊ

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Abhishek Gupta

Jan 18, 2019

UP cabinet Meeting

UP cabinet Meeting

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज हुई यूपी कैबिनेट बैठक में कई बड़े निर्णय लिए, जिसमें गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी देना प्रमुख विषय रहा। भारत सरकार द्वारा सवर्णों के 10% आरक्षण का 14 जनवरी 2019 से उत्तर प्रदेश में लागू किए जाने का प्रस्ताव पास हुआ है। वहीं इसके अलावा कैबिनेट बैठक में मुगलसराय तहसील का नाम बदलकर पंडित दीन दयाल उपाध्याय तहसील करने का फैसले भी लिया गया। इससे पहले भी सीएम योगी की कैबिनेट ने यूपी के कई जिलों का नाम बदला है।

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फैजाबाद का नाम किया था अयोध्या-
सीएम योगी ने 6 नवंबर को फैजाबाद जिला का नाम अयोध्या रख दिया था। अयोध्या में एक संबोधन के दौरान उन्होंने ने कहा था कि अयोध्या में नया मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है और इसका नाम राजर्षि दशरथ पर रखा जाएगा। साथ ही वहां बन रहे एयरपोर्ट का नाम मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के नाम पर रखा जाएगा।

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इलाहाबाद हुआ प्रयागराज-
उससे पहले इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किया गया था। इसके लिए तर्क यह दिया गया कि अकबरनामा और आईने अकबरी व अन्य मुगलकालीन ऐतिहासिक पुस्तकों से ज्ञात होता है कि अकबर ने सन् 1575 के आसपास प्रयागराज में किले की नींव रखी। उसने यहां नया नगर बसाया जिसका नाम उसने इलाहाबाद रखा। उसके पहले तक इसे प्रयागराज के ही नाम से जाना जाता था।

कैसे बदलता है शहर व तहसील का नाम-
किसी भी शहर का नाम बदलने के लिए वहां के स्थानीय लोग या जनप्रतिनिधि नाम बदलने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजते हैं। राज्य मंत्रिमंडल इस पर विचार करती है और मंजूरी देने के बाद राज्यपाल की सहमति को भेजती है। इसके बाद राज्यपाल प्रस्ताव पर अनुंशसा देने के साथ अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजते हैं। वहीं गृहमंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद राज्य सरकार नाम बदलने की अधिसूचना जारी करती है।