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रामायण-महाभारत काल से जुड़ी इन 8 नदियों को पुनर्जीवित करेगी योगी सरकार

यूपी के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि नदियों के खत्म होने से इनकी सभ्यता पर भी संकट खड़ा हो गया है...

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Jul 03, 2018

uttar pradesh

रामायण-महाभारत काल से जुड़ी इन 8 नदियों को पुनर्जीवित करेगी योगी सरकार

लखनऊ. राजधानी की गोमती, अयोध्या की तमसा और वाराणसी की वरुणा समेत उत्तर प्रदेश की आठ नदियों को पुनर्जीवित करने के लिये योगी आदित्यनाथ सरकार ने 'नदी पुनर्जीवन सेल' का गठन है। यह सेल दो महीने में सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी, उसके बाद इस पर कार्ययोजना तैयार कर केंद्र को भेजी जाएगी। ये आठों नदियां रामायण और महाभारत काल की ऐतिहासिक नदियां हैं।

यूपी के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि सरकार ने पौराणिक काल से जुड़ी आठ नदियों को चिन्हित कर लिया है, जिन्हें पुनर्जीवित किया जाएगा। इसके लिये एक 'नदी पुनर्जीवन सेल' का गठन किया गया है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्ययोजना बनाकर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी संग चर्चा हो चुकी है।

धर्मपाल सिंह ने कहा कि ये सभी महत्वपूर्ण नदियां मैदानी इलाकों की हैं। इनके किनारे कई महत्वपूर्ण शहर और उनकी संस्कृतियां विकसित हुई हैं। नदियों के खत्म होने से इनकी सभ्यता पर भी संकट खड़ा हो गया है। नदियों को पुनर्जीवित कर वहां बसी सभ्यता को बचाया जा सकता है।

इसलिये जरूरी है इन नदियों को बचाना
मंत्री ने कहा कि 2020 तक दिल्ली और बेंगलुरु जैसे शहर भूगर्भ जल संकट की चपेट में आ सकते हैं। इनमें लखनऊ भी शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि गिरते भूगर्भ जलस्तर को बढ़ाने के लिए इन आठों नदियों को पुनर्जीवित करना बहुत आवश्यक है। इससे निपटने के लिए सरकार ने ठोस कदम उठा लिये हैं।

इन नदियों पुनर्जीवित करेगी सरकार
धर्मपाल सिंह ने बताया कि बरेली की अरइल, बदायूं की सोम, प्रतापगढ़ की सई, अयोध्या की तमसा, बस्ती की मनोरमा, लखनऊ की गोमती, गोरखपुर की आमी और वाराणसी की वरुणा नदियों को चिन्हित किया गया है, जिस पर दो महीनों में सेल अपनी रिपोर्ट देगा। उन्होंने कहा ये नदियां रामायण और महाभारत काल की ऐतिहासिक नदियां है। इनके अपने स्रोत हैं। आठ में पांच नदियां गंगा में जाकर मिलती हैं।