साल 2014 प्राइमरी में सिर्फ मौखिक परीक्षाएं ही ली जाती थी। इसके बाद पिछले वर्ष नया आदेश जारी किया गया, जिसमें सिर्फ लिखित परीक्षाएं कराने का निर्देश जारी किया गया, लेकिन इसमें समस्या आई कि छोटे बच्चे लिखने में कमजोर थे। ऐसे में उनके मूल्यांकन में समस्या आई। इसलिए इस बार से प्राइमरी में मौखिक और लिखित दोनों ही मोड में परीक्षाएं कराने का निर्देश जारी किया गया।