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बावली, लोलपुर, भैंसा… यूपी के इन 13 गांवों के लोग चाहते हैं उनके गांव का नाम भी बदल दें योगी जी

किसी से आप पूछें कि कहां रहते हो और सामने से जवाब आए- छतरी में। आपको लगेगा कि ये क्या मजाक है? लेकिन ऐसा नहीं है, मेरठ में छतरी नाम का गांव है।

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लखनऊ

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Rizwan Pundeer

Feb 17, 2023

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उत्तर प्रदेश के गांव अपनी हरियाली और खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं लेकिन कुछ ऐसा भी हैं जो अपने गांव के लिए मशहूर हैं। ये नाम इतने अजीब हैं कि कोई भी सुनकर हंस पड़े। बीते कुछ समय से जब योगी सरकार जब कई शहरों के नाम बदल रही है तो यूपी के इन 13 नाम वाले गांवों के लोग भी चाहते होंगे कि उनके गांव का नाम बदल जाए।

मथुरा का भैंसा गांव
भैंसा किसे कहते हैं, ये आपको बताने की जरूरत नहीं है। भैंसा अक्सर किसी को चिढ़ाने के लिए कहा जाता है। भैंसा नाम के यूपी में एक नहीं दो-दो गांव हैं। मथुरा में भैंसा नाम का गांव है तो मेरठ के मवाना में भी भैंसा नाम का गांव है।

मुजफ्फरनगर का भैंसी गांव
भैंसा ही नहीं भैंसी भी एक गांव का नाम है। मेरठ और मुजफ्फरनगर के बीच में खतौली के पास भैंसी नाम का ये गांव पड़ता है। क्षेत्र का ये काफी चर्चित गांव हैं लेकिन कोई नया आदमी जब सुनता है कि अब भैंसी आ गया, तो एकबारगी भौंह सिकोड़ कर देखता है कि ये क्या है।

गोंडा का लोलपुर गांव
मैसेज की जुबान में लोल क्या होता है, ये शायद आपको बताने की जरूरत नहीं है। ऐसे में लोलपुर गांव का नाम एक मीम जैसा लगता है। लोलपुर गोंडा के नवाबगंज क्षेत्र का एक चर्चित गांव है। 1857 के संग्राम में एक खास रोल निभाने वाले इस गांव का नाम सोशल मीडिया की लैंग्वेज के आने के बाद अलग वजह से चर्चा में है।

गांव का नाम ही है पनौती
पनौती का मतलब मुंबइया जुबान में 'काम बिगाड़ देने वाले' के लिए कहा जाता है। पनौती नाम का यूपी के चित्रकूट जिले में एक गांव भी है। इस गांव का ये नाम कैसे पड़ा, इस पर तो कई बातें हैं। लेकिन गांव का पनौती नाम अक्सर ही मजाक की वजह बन जाता है।

सोनभद्र का बिल्ली गांव
बस किसी एरिया में घुसे और कंडक्टर कहे- बिल्ली, बिल्ली, बिल्ली। आपको शायद लगेगा कि बस के सामने बिल्ली तो नहीं आ गई लेकिन आपको बता दें कि गांव का नाम ही बिल्ली है। सोनभद्र जिले में बिल्ली एक छोटा सा गांव है। माना जाता है कि इस एरिया में बिल्लियां बहुत रहती थीं तो गांव का ना बिल्ली पड़ गया।


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बावली और छतरी गांव
बावली बागपत और छतरी गांव मेरठ में पड़ता है। बावली का सीधा मतलब पश्चिम यूपी में पागल से होता है। यहां कोई किसी को 'बावली के' कहना गाली की तरह है लेकिन बावली गांव के लोगों को यही कहा जाता है।


मेरठ के गांव का नाम कूडी
कूडी गांव में उस जगह को कहा जाता है, जहां कूड़ा डाला जाता है। यहां जब इसका खाद बन जाता है तो उसे खेतों में डाल दिया जाता है। मेरठ में इसी नाम का गांव है। मेरठ में एक गांव का नाम मामीपुर भी है।

नेक मैल, खाता नाम के भी गांव
उत्तर प्रदेश में सीना, खाता, नेक और मैल नाम के भी गांव है। इन सब गावों के लोगों को नए लोगों को परिचय में परेशानी तो जरूर आती होगी लेकिन क्या करें। गांव का नाम जो है सो है।