
...तो इस लालच में यूपी आ रहीं विमानन कंपनियां, पूरा होगा आम आदमी के हवाई सफर का सपना
पत्रिका इंडेप्थ स्टोरी
लखनऊ. उप्र में आम आदमी के हवाई सफर का सपना पूरा होता दिख रहा है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई उड़ान योजना के तहत जेट एयरवेज ने रीजनल एयर कनेक्टिविटी के तहत इलाहाबाद से लखनऊ की उड़ान शुरू कर दी। जल्द ही बरेली - लखनऊ हवाई सेवा शुरू होगी। अब इलाहाबाद से लखनऊ की दूरी महज 1 घंटा की रह गयी है। राज्य सरकार ने आगामी कुंभ के मद्देनजर लखनऊ से इलाहाबाद के लिए हवाई सेवा शुरू की है। लेकिन उप्र की 21 करोड़ की विशाल आबादी और यहां तेजी से बढ़ रहे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विमान यात्रियों को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार हवाई सेवाएं बढ़ाने के लिए जुटी हैं। यही वजह है कई बड़ी विमानन कंपनियां भी यूपी आने को लालायित हैं।
उप्र आने को क्यों लालायित हैं विमानन कंपनियां
देश में अभी सिर्फ 2 फीसदी लोग ही हवाई यात्रा करते हैं। 98 फीसदी आबादी अभी इससे वंचित है। यानी आने वाले 18-20 साल 'जॉय ऑफ फ्लाइंग' के होंगे। विमानन कंपनियां इसी को भुनाना चाहती हैं। पिछले दो साल के दौरान खाड़ी देशों में जाने वालों में उत्तर प्रदेश के लोगों की तादाद सबसे ज्यादा रही है। पिछले तीन साल के दौरान उत्तर प्रदेश से घरेलू सफर में 60 फीसदी और अंतरराष्ट्रीय सफर में 24 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसीलिए कंपनियां यूपी के छोटे शहरों को एयर कनेक्ट करना चाहती हैं। इसके अलावा अगले साल इलाहाबाद में होने वाले कुंभ मेले पर भी कंपनियों की नजर है।
बढ़ रही है अंतरराष्ट्रीय उड़ानें
लखनऊ एयरपोर्ट पर 2016 में कुल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या 3637 थी, जो 2017 में बढकऱ 3819 हो गई। वाराणसी एयरपोर्ट पर 2016 के मुकाबले 2017 में उड़ानों की संख्या 723 से बढकऱ 949 हो गई। लखनऊ एयरपोर्ट पर 2016 में घरेलू विमान उड़ानों की संख्या 17980 से बढकऱ 2017 में 28761 हो गई, जबकि वाराणसी एयरपोर्ट पर 10386 से घटकर 9880 हो गई।
यात्रियों की संख्या में भी हुई बढ़ोतरी
2016 में लखनऊ एयरपोर्ट पर 492342 यात्री आए जो 2017 में बढकऱ 545147 हो गए है। वाराणसी एयरपोर्ट पर 2016 में 72730 यात्री आए थे, जिनकी संख्या 2017 में बढकऱ 109492 हो गई है। लखनऊ एयरपोर्ट पर घरेलू उड़ान के जरिए 2417733 यात्री आए थे, जो 2017 में 2815829 हो गए। वहीं वाराणसी एयरपोर्ट पर इनकी संख्या 13 लाख 16 हजार 873 से बढकऱ 13 लाख 39 हजार 246 हो गई है।
एयर कंपनियों को छूट
उप्र सरकार की सिविल एविएशन पॉलिसी में सिविल एविएशन के क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों को रियायत दिए जाने की योजना है। एयरलाइंस कंपनियों को एटीएफ पर वैट का रीइंबर्समेंट और नई फ्लाइट्स को एयर टिकट पर लगने वाला एस-जीएसटी एक साल के लिए माफ किए जाने की योजना है।
Updated on:
14 Jun 2018 03:01 pm
Published on:
14 Jun 2018 02:26 pm
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