29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तनाव है हृदय का सबसे बड़ा दुश्मन, करें यह काम दिल की बीमारी रहेगी दूर

पहले जहां 30 से 40 वर्ष तक के बीच हृदय की समस्याएं आंकी जाती थीं, आज यह 20 वर्ष से कम उम्र के लोगों में भी होने लगी हैं। भारत में 10.2 करोड़ लोग दिल के मरीज हैं। पूरी दुनियां में 1.73 करोड़ लोग हर वर्ष इस बीमारी के शिकार होकर मर जाते हैं।

2 min read
Google source verification

image

Sudhir Kumar

Sep 29, 2016

world heart day

world heart day

लखनऊ. भाग दौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित खानपान के कारन दुनिया भर में हृदय रोग के पीड़ितों की संख्या तेजी के साथ बढ़ रही है। हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार दिल की बीमारी किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकती है, इसके लिए कोई निर्धारित उम्र नहीं होती। तनाव, थकान, प्रदूषण सहित कई वजहों से खून डोनेट करने वाले इस अति महत्वपूर्ण अंग को अपना काम करने में मुश्किल होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि तनाव दिल की बीमारी का सबसे बड़ा कारण है इसलिए तनाव से बचें। साथ ही योगा करें यह दिल की बीमारी के लिए बहुत ही बेहतर है

महिलाओं में हृदय रोग की संभावनाएं ज्यादा होती हैं, अपने स्वास्थ्य की ओर ध्यान देने का मौका नहीं मिलता, जिसका उन्हें भारी खामियाजा चुकाना पड़ता है। पिछले 16 सालों से विश्व हृदय दिवस (World Heart Day) हर वर्ष '29 सितम्बर' को मनाया जाता है। दिल के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के प्रति जागरुक करने के मकसद से वर्ष 2000 में 'विश्व हृदय दिवस' मनाने की शुरुआत की गई। अब तक सितम्बर के आखिरी रविवार को 'विश्व हृदय दिवस' मनाया जाता रहा था, लेकिन 2014 से इसे 29 सितम्बर के दिन मनाया जाता है।

-संयुक्त राष्ट्र ने बढ़ते हृदय रोगों की संख्या और पीड़ितों की वजह से वर्ष 2000 से हर साल 29 सितंबर को 'विश्व हृदय दिवस' के रूप में मनाने का निर्णय लिया।
-वर्ष 2009 और 2010 में संयुक्त राष्ट्र ने 'विश्व हृदय दिवस' की थीम 'ऑफिस में हृदय स्वास्थ' थी।
-'विश्व स्वास्थ्य संगठन' (डब्ल्यूएचओ) की भागीदारी से स्वयंसेवी संगठन 'वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन' हर साल 'विश्व हृदय दिवस' मनाता है।
-हृदय रोग पूरे विश्व में आज एक गंभीर बीमारी के तौर पर उभरा है।
- इस बीमारी की सबसे बड़ी वजहों में से एक है 'तनाव'। तनाव हृदय का सबसे बड़ा दुश्मन है।
-हृदय हमारे शरीर का ऐसा अंग है, जो लगातार पंप करता है और पूरे शरीर में रक्त प्रवाह को संचालित करता है।
-हृदय संचार प्रणाली के मध्य में होता है और धमनियों और नसों जैसी रक्त वाहिनियां अशुद्ध रक्त को शरीर के हर भाग से हृदय तक ले जाती हैं और शुद्ध रक्त को हृदय से शरीर के हर भाग तक पहुंचाती हैं।
-युवाओं में हृदय की बीमारियों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बन रही हैं।
-पहले जहां 30 से 40 वर्ष तक के बीच हृदय की समस्याएं आंकी जाती थीं, आज यह 20 वर्ष से कम उम्र के लोगों में भी होने लगी हैं।
-भारत में 10.2 करोड़ लोग दिल के मरीज हैं।
-पूरी दुनियां में 1.73 करोड़ लोग हर वर्ष इस बीमारी के शिकार होकर मर जाते हैं।
-यदि हालातों पर काबू नहीं किया गया तो 2020 तक हर तीसरे व्यक्ति की मौत हृदय रोग से होगी।
-उम्र बढ़ने के साथ दिल का दौरा भी पड़ता है।

हृदय को स्वास्थ्य रखने के लिए यह करें
-धूम्रपान बिल्कुल भी नहीं करें, यह दिल के लिए बहुत ही ख़तरनाक है।
-ऐसे खाद्य तेल का चयन करें, जिसमें शून्य ट्रांस फैटी एसिड्स हों।
-रोजाना 7 घंटे की नींद लें क्योकि नींद दिल को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है।
-प्रत्येक व्यक्ति को थोड़ा समय व्यायाम के लिए निकालना चाहिए।
-साइकिल चलाना, नियमित रूप से टहलना और तैरना, ये काम अवश्य करने चाहिए।
-रोजाना 30 मिनट योग और ध्यान करने की प्रक्रिया को अपनाना चाहिए।
-प्रतिदिन कम से कम आधे घंटे तक व्यायाम करना हृदय के लिए अच्छा होता है।
-नमक की कम मात्रा का सेवन करें।
-ताजी सब्जियां और फल अधिक मात्रा में लें।
-तम्बाकू जैसे पदार्थों से हमेशा दूरी बनाएँ रखें।
-घंटों एक ही स्थिति में बैठना हृदय के लिए हानिकारक हो सकता है।
-कैफीन की मात्रा कम करें और काली या हरी चाय पियें।
-गर्मियों में प्रतिदिन आठ से दस गिलास पानी जरूर पियें।

ये भी पढ़ें

image
Story Loader