
Pm Modi and CM Yogi
लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी से राज्यसभा सांसद शिव प्रताप शुक्ल को अपने कैबिनेट में शामिल कर लिया। शिव प्रताप शुक्ल योगी के धुर विरोधी माने जाते हैं। शुक्ल को 2016 में राज्यसभा के लिए चुना गया था। संगठन के पुराने कार्यकर्ता शिव प्रताप शुक्ला गोरखपुर सदर से चार बार के विधायक रहे हैं। वह यूपी में भाजपा सरकार में कई बार मंत्री भी रहे हैं।
रविवार को कैबिनेट विस्तार में पीएम मोदी ने सीएम योगी को साफ संकेत दिया है कि भले ही वो यूपी के सीएम हों, लेकिन राजनीति में चेक एंड बैलेंस बहुत जरूरी होता है और केवल एक व्यक्ति की मंशा और पसंद से सरकार नहीं चलाई जा सकती।
यूपी में सीएम योगी जिस तरह से सूबे की सरकार चला रहे हैं वह मोदी को भी शायद नगवार गुजर रहा था। तभी तो उनके विरोधी माने जाने वाले शिव प्रताप शुक्ल को अपने मंत्रिमंडल में जगह देकर मोदी ने सीएम योगी को पहला और बड़ा झटका दे दिया है।
संभालने की कोशिश
वहीं कलराज मिश्र को मंत्रिमंडल से हटाने के बाद शिव प्रताप शुक्ल को मंत्री बना कर मोदी ने सबसे महत्वपूर्ण राज्य में जातिगत समीकरण के बैलेंस को भी संभालने की कोशिश की है। शिव प्रताप शुक्ल गोरखपुर से आते हैं और पार्टी में ब्राह्मणों के एक प्रभावी चेहरे को तौर पर देखे जाते हैं।
चार बार विधायक रहे
बतादें कि शिव प्रताप शुक्ल लगातार चार बार विधायक रहे हैं। 1989,1991,1993 और 1996 में विधायक बने और यूपी में भाजपा की सरकार में मंत्री भी रहे, लेकिन योगी ने अपने सियासी वर्चस्व कायम करने के लिए शिव प्रताप के खिलाफ अपना प्रत्याशी खड़ा करके उन्हें चुनाव हरवाया था। यहीं से दोनों के बीच सियासी अदावत शुरू होगी।
साइड लाइन कर दिए गए थे
योगी आदित्यनाथ ने शिव प्रताप शुक्ल की पूरी राजनीति खत्म कर दी थी और वह पार्टी में साइड लाइन कर दिए गए थे, लेकिन पार्टी के प्रति उन्होंने अपनी वफादारी नहीं छोड़ी। नरेंद्र मोदी जब 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने तो शिव प्रताप शुक्ल की 14 साल के बाद राजनीति में दोबारा वापसी हुई। वह राज्यसभा सदस्य बने और अब मोदी ने उन्हें अपने मंत्रीमंडल में वित्त राज्य मंत्री बना दिया है।
Published on:
03 Sept 2017 06:24 pm
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