
योगी कैबिनेट की मंजूरी, अब सात हजार करोड़ तक लोन ले सकेंगी बिजली कंपनियां
लखनऊ. उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन व विद्युत वितरण निगम अब सात हजार करोड़ रुपये का अधिकतम लोन ले सकेंगी। योगी कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने अतिरिक्त विशेष दीर्घकालीन ट्रांजिशनल ऋण की अधिकतम धनराशि सात हजार करोड़ रुपये तय की है। यह राशि पीएफसी और बैंकों से पावर कॉरपोरेशन और विद्युत वितरण निगमों द्वारा प्राप्त किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यही नहीं बल्कि राज्य सरकार की ओर से आवश्यक वचनबद्धताएं, कार्य योजना निर्गत करने और चतुर्पक्षीय अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए मंत्रिपरिषद द्वारा अपर मुख्य सचिव ऊर्जा विभाग को अधिकृत किए जाने का निर्णय भी लिया गया है।योगी कैबिनेट ने पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड व सहयोगी विद्युत वितरण निगमों द्वारा लिए जाने वाले लोन की वापसी के लिए कुल ऋण के ब्याज, अन्य देयों सहित संपूर्ण भुगतान के लिए शासकीय गारंटी उपलब्ध कराने व विषम परिस्थियों के दोखते हुए गारंटी शुल्क माफ करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
थारू समुदाय को भी मिलेंगे पक्के मकान
कच्चे जर्जर मकान में रहने वाले सहरिया, कोल व थारू समुदाय के लोगों को मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत अब पक्के मकान दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन समुदाय के लोगों को मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण की पात्रता श्रेणी में शामिल करने का फैसला किया है। इसके लिए मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दिशानिर्देशों में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दिशानिर्देशों में समय-समय पर आवश्यक संशोधन करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत करने का भी निर्णय लिया गया है।
Updated on:
17 Mar 2021 03:49 pm
Published on:
17 Mar 2021 03:49 pm
