Public Works Department: उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2023-24 में लोक निर्माण विभाग ने गड्ढा मुक्ति का 3.81 प्रतिशत और रिस्टोरेशन का 30 प्रतिशत टारगेट कार्य पूरा किया है। आइए जानते हैं पूरा मामला
CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में लोक निर्माण विभाग ने साल 2023-24 में पूरे किए गए टारगेट के आंकड़े जारी किए हैं। इनके अनुसार लोक निर्माण विभाग ने अपने टारगेट का 30 प्रतिशत कार्य अब तक पूरा कर लिया है। यानी कुल खराब सड़कों में से लोक निर्माण विभाग ने 30 फीसदी सड़कों की मरम्मत कर उन्हें अब तक सुदृढ़ बना लिया है। अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि बाकी सड़कों का क्या होगा? तो हम आपको बता दें कि योगी सरकार ने इसके लिए पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है।
एक न्यूज वेबसाइट में छपी खबर के अनुसार लोकनिर्माण विभाग ने प्रदेश में इस साल यानी 2023-24 में अब तक 275 करोड़ रुपए निर्धारित मार्ग सुदृढ़ीकरण को पूरा करने के लिए आवंटित किया है। इस कार्य की मॉनीटरिंग योगी सरकार कर रही है। इसमें दिए गए आंकड़े के अनुसार उत्तर प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के आधीन कुल 1 लाख 14 हजार सड़कें हैं। जिनका कुल योग 2 लाख 66 हजार किमी है।
इसमें से इस साल 62 हजार से ज्यादा सड़कों का मेकओवर निर्धारित किया गया है। इसमें से 44869 सड़कों का गड्ढा मुक्ति का टारगेट है। जबकि 17588 सड़कों के नवीनीकरण और रीस्टोरेशन प्रक्रिया को पूरा करना है। लोक निर्माण विभाग ने इसमें से 1711 सड़कों को गड्ढामुक्त और 5277 मार्गों का रीस्टोरेशन वर्क्स पूरा कर लिया है। यानी कुल 6988 मार्गों पर लोक निर्माण विभाग ने अब तक काम किया है। इसमें से गड्ढा मुक्ति का प्रतिशत 3.81 रहा। जबकि रीस्टोरेशन कार्यों के लक्ष्यों को 30 प्रतिशत पूरा गया है।
यहां ये बताना जरूरी है कि लोक निर्माण विभाग के आधीन मंडी, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, गन्ना, आवास एवं शहरी नियोजन व अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग से संबंधित सड़कें आती हैं। इन सभी विभागों के समायोजन से प्रदेश में सड़क सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जा रहा है। साल 2023-24 में राष्ट्रीय मार्गों की कुल 364 गड्ढामुक्ति और रीस्टोरेशन को अभी तक पूरा किया जा चुका है।
राष्ट्रीय मार्गों पर 28.35 प्रतिशत गड्ढा मुक्ति का काम अब तक हो चुका है। जबकि 75.30 प्रतिशत तक रीस्टोरेशन का काम पूरा किया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय मार्ग विभाग की चार जोन प्रदेश में कार्यरत हैं। इनमें से नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई-पश्चिम यूपी) ने इस साल सबसे अच्छा प्रदर्शन कर 62.57 प्रतिशत गड्ढा मुक्ति और 85.79 प्रतिशत रीस्टोरेशन का काम पूरा कर लिया है।