
महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में शक ने एक पिता (Father Killed Daughter) को कातिल बना दिया। उसने बेटी के सिर पर पत्थर से बार-बार वार कर हत्या कर दी। 14 दिन की मशक्कत के बाद पुलिस को आरोपी को पकड़ने में कामयाबी मिल ही गई।
पुलिस की सख्ती से पूछताछ के बाद आरोपी पिता टूट गया और बेटी की हत्या की बात उसने कबूल ली। पुलिस के मुताबिक एक फरवरी को महासमुंद पुलिस को सूचना मिली कि कनेकेरा मुड़ानाला के पास एक लड़की का शव मिला है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और तफ्तीश की। मृतका के शव की पहचान हीरालाल दीवान ने अपनी नातिन सुलोचना दीवान के रूप में की।
सुलोचना 31 जनवरी को घर से निकली थी और रात तक वापस नहीं आई थी। दूसरे दिन सुलोचना का शव मुड़ानाला के पास मिला। उसके सिर पर चोट के निशान थे। पुलिस को हत्या का शक था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने पूछताछ शुरू की। दोस्त, परिजनों के अलावा लड़की के पिता से भी गहन पूछताछ की गई। तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। पिता ही आरोपी निकला।
पुलिस ने बताया कि आरोपी संतोष अपनी बेटी सुलोचना को लगातार फोन पर बात करने से रोकता था। सुलोचना उनकी बात भी नहीं सुनती थी। 31 जनवरी की रात सुलोचना के घर पर नहीं होने और घर वापस आने की बात को लेकर बहस हुई। इसके बाद सुलोचना डरकर मुड़ानाला के ओर भागने लगी।
जिसे आरोपी पिता संतोष ने मुड़ानाला के पास सुलोचना को पकड़ लिया और गुस्से में पत्थर उठाकर सुलोचना के सिर पर मार दिया। जिससे सुलोचना वहीं गिर गई और कई बार पत्थर से वारकर मौत के घाट उतार दिया। इसकी वजह से सुलोचना की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी पिता संतोष दीवान पिता हरिलाल दीवान (42) कनेकरा से खून लगे कपड़े भी पुलिस ने बरामद कर लिया था।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
हत्या के बाद पुलिस ने चोवाराम से भी पूछताछ की। उसने पूछताछ के दौरान बताया था कि सुलोचना को उसके पिता काफी मारते थे और घर से बाहर निकलने के लिए मना करते हैं और गाली-गलौज भी करते हैं। गवाहों से बात करने के बाद पुलिस ने डॉग को जब घटना स्थल से छोड़ा तो वह सीधे आरोपी के घर पहुंच गया। पुलिस को शुरुआत से ही युवती के पिता पर शक था। युवती का पिता अपनी बेटी की लाश देखने के लिए भी नहीं गया था। इसके बाद ही पुलिस ने मृतका के पिता से पूछताछ की।
इनका रहा योगदान
आरोपी को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। जिसे न्यायिक अभिरक्षा के लिए न्यायालय को पेश किया। इस कार्रवाई में एसपी जितेंद्र शुक्ल के निर्देशन और एसडीओपी नारद सूर्यवंशी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राकेश खुंटेश्वर, प्रशिक्षु एसपी आंजनेय वाष्णेय, विनोद शर्मा, ललित चंद्रकर, चुड़ामणि सेठ, राहुल टंडन आदि का योगदान रहा।
Published on:
16 Feb 2020 01:08 pm

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