
हर्बल गार्डन में रोपे जाएंगे औषधिय पौधे, इन्हीं से होगा मरीजों का इलाज
Ayurveda. महासमुंद जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाए जा रहे हैं। यहां हर्बल गार्डन भी बनेगा। गार्डन में 16 प्रकार के औषधिय पौधों का रोपण किया जाएगा। इन्हीं पौधों से मरीजों का उपचार किया जाएगा।
आयुर्वेद विभाग से मिली जानकारी के अनुसार हर्बल गार्डन के लिए पादप बोर्ड औषधीय पौधे तैयार कर रहा है। प्रत्येक गार्डन के लिए 20 हजार रुपए की दर से स्वीकृति प्राप्त हुई है। वहीं गार्डन के प्रतिवर्ष रखरखाव के लिए 6 हजार रुपए प्रति केंद्र प्राप्त होगी। इसमें हर्बल गार्डन के रखरखाव करने वाले कर्मचारी, अंशकालीन स्वीपर/ मजदूरों को रुपए 300 प्रतिमाह की दर से प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा। इसमें 3600 रुपए मजदूरी दर में व्यय किया जाएगा। शेष राशि 2400 रुपए का व्यय हर्बल गार्डन के रखरखाव के लिए सामग्रियों की खरीदी के लिए किया जाएगा। जिले में प्रथम चरण में 13 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खुलेंगे। आयुर्वेद विभाग द्वारा प्राचीन पद्धति से उपचार कराने के लिए जागरूक किया जाएगा। जिला आयुर्वेद अधिकारी एसएल पटेल ने बताया कि पादप बोर्ड से पौधे लिए जाएंगे। यह संस्था औषधीय पौधे सस्ते दर पर उपलब्ध कराती है। इसी से मरीजों का भी उपचार किया जाएगा।
दो प्रकार की दवाएं बनेंगी
औषधिय पौधों से दो प्रकार की दवाएं बनेंगी। पहला एकल औषधि चूर्ण १४ प्रकार के बनाए जाएंगे। इसमें अश्वगंधा, कालमेघ, भूस्यामलकी, बिल्व, गोक्षुर आदि शामिल हैं। दूसरा औषधियों का योग कर ३६ प्रकार के चूर्ण व दवाएं बनाई जाएंगी। इसमें त्रिकटु चूर्ण, संजीवनी वटी, दशन संस्कार चूर्ण, अभयारिष्ट चूर्ण, त्रिफला, योगराज गुग्गलु, तृणपंचमूल क्वाद आदि शामिल है।
इन पौधों का रोपण
आयुर्वेद विभाग से मिली जानकारी के अनुसार हर्बल गार्डन में आंवला, अश्वगंधा, भूआंवला, ब्राम्ही, गिलोय, एलोवेरा, हरिद्रा, शतावरी, नीम, तुलसी, एरंड, निर्गुडी, आदरक, सौंठ, शुण्ठी, बला आदि के पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर बहुतायत में मिलने वाली औषधि के पौधे भी लगाए जाएंगे। जहां वहां उपचार में ज्यादा उपयोग में लाए जाते हैं।
जिला आयुर्वेद अधिकारी एसएल पटेल ने बताया कि आयुर्वेद पद्धति से लोगों का उपचार होगा। इसके लिए हर्बल गार्डन बनाने का कार्य भी शुरू हो गया है। औषधि पौधों से दवाओं का भी निर्माण किया जाएगा।
Published on:
01 Mar 2022 05:58 pm

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