हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स में है शानदार प्यूचर ऑप्शन्स, ऐसे बनाएं कॅरियर

Career in Handicraft: आर्टिजन प्रोडक्ट की मांग ग्लोबली 8-9 फीसदी सालाना की दर से बढ़ रही है। हाल के वर्षों में इनकी लोकप्रियता में भी खासा इजाफा हुआ है।

Career in Handicraft: आर्टिजन प्रोडक्ट की मांग ग्लोबली 8-9 फीसदी सालाना की दर से बढ़ रही है। इनमें भारत के अलावा चाइना व अफगान प्रोडक्ट की मांग सबसे अधिक है। हाल के वर्षों में इनकी लोकप्रियता में भी खासा इजाफा हुआ है। हाल ही आई एक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 तक हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट का मार्केट 985 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। इसमें सबसे अधिक डिमांड इमिटेशन ज्वैलरी, मार्बल क्राफ्ट, जरी प्रोडक्ट, कारपेट आदि की होगी। देश में भी बीते 5 वर्ष में हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट मेकिंग व मार्केटिंग को लेकर अधिक जागरुकता आई है।

छोटे-छोटे स्टार्टअप्स इस क्षेत्र में भी नजर आने लगे हैं। इस कारण ऑनलाइन ऐसे प्रोडेक्ट की उपलब्धता भी बढ़ी है। भारत में 17 फीसदी से अधिक आर्टिजन और ट्राइब्स ऐसे हैं, जिन्होंने बतौर स्टार्टअप ऐसे प्रोडक्ट मेकिंग दोबारा शुरू की है। प्रोडक्ट के सही दाम और मार्केटिंग के लिए ऑनलाइन सेल के अलावा इनके पास क्या ऑप्शन है यह एक अहम सवाल है। ऑनलाइन प्रोडक्ट सेल करना ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट मेकर के लिए चुनौती भरा है।

वीक-डे मार्केट
मेट्रो सिटीज में वीक-डे मार्केट का खासा चलन है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में एक-एक दिन ऐसे अस्थायी मार्केट लगते हैं, जहां आपको सभी वस्तुएं मिलती है। हैंडीक्राफ्ट बिजनेस से जुड़े लोगों के लिए ये मार्केट अच्छा ऑप्शन है। इसके लिए उन्हें अपने करीब के शहर में लगने वाले ऐसे मार्केट की रिसर्च करने की आवश्यकता है। इसके बाद वे कम्यूनिटी और उस मार्केट में आने वाले कंज्यूमर की डिमांड के अनुसार अपने प्रोडक्ट बना सकते हैं। ऐसे मार्केट में अधिकतर मांग फैशन और डेकोर से जुड़े प्रोडक्ट की रहती है।

केवल दो प्रतिशत सेल ऑनलाइन
भारत में करीब 70 लाख आर्टिजन हैं, अलग-अलग हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर जुड़े हैं। बीते करीब पांच वर्षों में ऐसे प्रोडक्ट कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दिखने लगे हैं। अब भी कुल प्रोडेक्शन की मात्र दो प्रतिशत सेल ही ऑनलाइन हो रही है। इस कारण अपने प्रोडक्ट बेचने के लिए ये अब भी परंपरागत तरीकों पर निर्भर हैं। ऐसे में कुछ अलग ऑप्शंस पर रिसर्च किया जा सकता है।

पॉप अप स्टोर
ये वे स्टोर होते हैं, जो सीजन या फेस्टिवल के अनुसार खुलते हैं। हालांकि इनकी संख्या काफी कम होती है। ऐसे स्टोर संचालक से आप संपर्क कर सकते हैं। यहां कमीशन कॉन्ट्रेक्ट के जरिए आप हैंडीक्राफ्ट प्रोडेक्ट बेच सकते हैं। इसका फायदा यह है कि आपको कही जाने की आवश्यकता नहीं होगी। स्थानीय या देश के दूसरे हिस्सों में आयोजित होने वाले फेस्टिवल फेयर व शॉपिंग कार्निवल में जाने वाले ऐसे स्टोर मालिक से आप संपर्क कर अपने प्रोडेक्ट की सेल बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा भी कई अन्य विकल्पों पर नजर डाली जा सकती है।

कैफे और आर्ट गैलरी
कैफे कम आर्ट गैलरी वाली इन जगहों को भी प्रोडक्ट सेल के लिए ऑप्शन बना सकते हैं। एक स्थायी या अस्थायी काउंटर और एक कॉन्ट्रेक्ट के साथ बिजनेस को यहां स्टार्ट कर सकते हैं। यदि आप पर्यटक स्थलों के नजदीक वाले कैफे या आर्ट गैलरी का चुनाव करेंगे तो यह आपके हैंडीक्राफ्ट बिजनेस के लिए अधिक फायदेमंद होगा। राजस्थान के हैंडीक्राफ्ट मेकर के लिए पर्यटन स्थलों पर सेल करना आसान है।

क्राफ्ट फेयर
सरकारी क्राफ्ट फेयर के अलावा आर्टिजन स्कूल, कॉलेज व सोशल कम्यूनिटी की ओर से लगने वाले फेयर में अपने प्रोडेक्ट ले जा सकते हैं। ऐसे फेयर से ना केवल उनकी सेल बढ़ेगी अपितु उनके लिए मार्केटिंग की राह भी आसान होगी। इनमें स्टॉल लगाने की अपेक्षा आर्टिजन परंपरागत नाटक या नृत्य की प्रस्तुति के जरिए अपनी कला को प्रदर्शित कर सकते हैं।

चैरिटी इवेंट्स भी है उपाय
कम्यूनिटी बेस्ड चैरिटी इवेंट्स को भी आप बिजनेस प्लेटफॉर्म के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। ये इवेंट्स कल्चरल, धार्मिक या फन फेयर हो सकते हैं। इससे आपको अलग पहचान मिलेगी। ऐसे इवेंट्स इंडिया में सभी शहरों के साथ छोटे-छोटे कस्बों में भी होते हैं। ऐसे इवेंट्स की एक लिस्ट बनाएं और ऑर्गनाइजर से सम्पर्क में रहें। आज भी इंडिया के छोटे शहरों में पशु बाजार, हाट व किसान बाजार का कॉन्सेप्ट है, जो आपके प्रोडक्ट के लिए अच्छा बाजार साबित हो सकते हैं।

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सुनील शर्मा Desk
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