गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश केंद्र के इलेक्ट्रिसिटी (राइट्स ऑफ कंज्यूमर्स) रूल्स, 2020 के तहत सभी स्तरों पर सीजीआरएफ बनाने के लिए कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य है। प्रस्तावित सीजीआरएफ व्यवस्था से बिजली उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति में बाधा, वोल्टेज की समस्या, मीटर में गड़बड़ी, मीटर बदलना, चार्जेज/भुगतान (बिलिंग की समस्या), कनेक्शन काटने या जोड़ने, और कनेक्शन लोड घटाने या बढ़ाने जैसी तमाम शिकायतों को सुनने और इन्हें दूर करने की व्यवस्था विकेंद्रीकृत हो जाएगी। यह जानकारी पीवीवीएनल के एमडी अरविंद मलप्पा ने दी।