
मेरठ। 'देश जीतेगा, कोरोना हारेगा'। कुछ इस तरह के स्लोगन लिखे पोस्टर और बैनर बुधवार को नवरात्र के प्रथम दिन मेरठ के सिद्धपीठों पर दिखाई दिए। जिनमें दुर्गा के भक्तों से अपील की गई थी कि वे मंदिरों में आने से परहेज करें और घर में ही देवी की पूजा करें। शास्त्रीनगर स्थित गोल मंदिर में नवरात्र के कई दिनों पहले से ही तैयारी शुरू हो जाती है। इस बार लॉकडाउन के चलते मंदिर के भीतर और बाहर किसी प्रकार की कोई तैयारी नहीं दिखाई दी। मंदिर परिसर सूना पड़ा था। इसके साथ मंदिर के आसपास का इलाका भी सूनसान पड़ा रहा। मंदिर के आसपास मेला लगता है, लेकिन इस बार लॉकडाउन के चलते मेला भी नहीं लगा। वहीं भक्तों से अपील की गई कि वे मंदिर आने से परहेज करें।
कोरोना वायरस के संक्रमण से देश-दुनिया को मुक्ति दिलाने की मनोकामना के साथ लाखों श्रद्धालु बुधवार से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र के मौके पर शक्ति की देवी की अराधना करेंगे। कोविड 19 के संक्रमण के विस्तार को रोकने के लिये राज्य के सभी जिलों में 27 मार्च तक लॉकडाउन किया गया है। यह लॉक डाउन आगामी 21 दिन तक के लिए बढा दिया गया है। जिसके चलते इतिहास में संभवत: पहली बार शक्तिपीठों समेत सभी प्रमुख देवी मंदिरों के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिये बंद रहे।
लोगों ने महामारी को दैवीय प्रकोप समझते हुए माना है कि मां भवानी के आगमन के साथ देश को इस संकट से मुक्ति मिलनी शुरू हो जायेगी। मेरठ की मंशा देवी, गोल मंदिर, काली मंदिर समेत अन्य शक्तिपीठों के अलावा देवी मंदिरों में नवरात्र की तैयारी पूरी कर ली गयी थी, लेकिन लॉकडाउन के चलते सभी के कपाट बंद रहे। इस बार अधिकतर मंदिरों को कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिये बाकायदा सैनिटाइज भी किया गया है।