
मेरठ। कोरोना पर काबू पाने के लिए पूरा देश एकजुट एक साथ खड़ा है। बिना किसी भेदभाव के। आज न कोई हिन्दू दिखाई दे रहा है और न कोई मुस्लिम। बिना किसी जातिवाद और सांप्रदायिक भेदभाव के पूरा देश एक साथ है। मेरठ में जहां बात-बात पर दोनों समुदाय आमने-सामने आ जाते हैं। वहीं कोरोना के खिलाफ पूरा शहर एकजुट होकर खड़ा रहा। सुबह से ही जनता कर्फ्यू के समर्थन में लोग एकजुट हैं। कोई घर से नहीं निकल रहा है। हिन्दू हो या मुस्लिम सभी ने जनता कर्फ्यू को अपना समर्थन पूर्ण रूप से दिया है। ऐसी अभूतपूर्व एकता यहां पहले कभी नहीं देखने को मिली। मुस्लिम क्षेत्र के बाजारों और मोहल्लों में भी पूरी तरह से सन्नाटा फैला हुआ है। सभी लोग अपने घरों में हैं और घर में परिवार के साथ एन्जाए कर रहे हैं।
शनिवार की देर रात शहर काजी ने भी कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रधानमंत्री और यूपी के मुख्यमंत्री की 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का समर्थन करते हुए शहर के समस्त नागरिकों से अपील की थी कि रविवार को अपने-अपने घरों पर रहकर कोरोना के प्रभाव को निष्क्रिय करने में सरकार का सहयोग करें। गत दिनों जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समाज से अपील की गई थी कि वह जनता कर्फ्यू का समर्थन कर अपने-अपने घरों पर सुरक्षित रहें।
शहर काजी जैनुसाजिददीन ने मुस्लिम समाज सहित समस्त जनता से अपील करते हुए कहा कि कोरोना वायरस से बचने के लिए पूरी सावधानी बरतें और 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का पूरा समर्थन करते हुए घरों से बाहर न निकलने के लिए कहा था। भीड़भाड़ वाले इलाकों से परहेज करें। शाही मस्जिद के इमाम कारी शफीकुर्रहमान ने भी कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जनता कर्फ्यू का ऐलान किया है तो हमारी यह जिम्मेदारी है कि वह जनता कर्फ्यू के दौरान अपने घरों पर रहकर कोरोना वायरस के प्रभाव को निष्क्रिय करने अपना योगदान दें।